Published On:Thursday, February 27, 2014
Posted by NJFI media
नौसेना प्रमुख का इस्तीफा,पीएम से भी हुई मुलाकात: एंटनी
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने आज कहा कि कल पनडुब्बी हादसे के संदर्भ में व्यथित एड़मिरल डीके जोशी का नौसेना प्रमुख के पद से इस्तीफा स्वीकार करने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी और प्रत्येक व्यक्ति के साथ विचार विमर्श किया था।
जोशी का इस्तीफा तत्काल स्वीकार करने की वजह से पूर्व शीर्ष नौसेना अधिकारियों की आलोचनाओं के निशाने पर आए एंटनी ने कहा मैंने प्रत्येक व्यक्ति के साथ विचार विमर्श किया था। मैंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी। आखिर में, हमने इस्तीफा स्वीकार करने का फैसला किया।
नौसेना प्रमुख को बहुत अच्छे एड़मिरल और शानदार व्यक्ति बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को लेकर वह दुखी हैं। एड़मिरल जोशी के इस्तीफे के फैसले के बाद रक्षा मंत्री की यह पहली प्रतिक्रिया है। उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया कल एड़मिरल जोशी ने निजी तौर पर मुझसे मुलाकात की और अपना इस्तीफा मुझे सौंप दिया। उन्होंने मुझसे तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया।
रक्षा मंत्री के अनुसार, एड़मिरल जोशी ने सुझाव दिया कि जब तक कोई अंतिम व्यवस्था नहीं कर ली जाती, तब तक नौसेना उप प्रमुख वाइस एड़मिरल रॉबिन धोवन को कार्यकारी नौसेना प्रमुख बनाया जाए।
एंटनी ने कहा वह (एड़मिरल जोशी) पूरे घटनाक्रम को लेकर बहुत व्यथित थे। वह एक शानदार व्यक्ति और बहुत अच्छे एड़मिरल हैं। पूरे घटनाक्रम को लेकर वह बहुत व्यथित थे। उन्होंने मुझसे आग्रह किया कि वह पूरी जिम्मेदारी लेना चाहेंगे, इसलिए उन्होंने मुझसे अपना इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का आग्रह किया।
नौसेना प्रमुख के पद पर 59 वर्षीय जोशी का करीब 15 माह का कार्यकाल शेष था। कल मुंबई के तट पर पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरत्ना दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे उसके सात नाविक गंभीर रूप से प्रभावित हो गए और दो अधिकारी लापता हो गए। इस हादसे के बाद जोशी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
रक्षा मंत्रालय ने कल कहा था कि पिछले कुछ माह में हुई दुर्घटनाओं और हादसों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एड़मिरल जोशी ने इस्तीफा दे दिया है। मंत्रालय ने कहा था सरकार ने तत्काल प्रभाव से एड़मिरल जोशी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। कल की घटना पिछले सात माह में नौसेना के युद्धपोतों के साथ हुई दसवीं दुर्घटना है।

