Published On:Friday, February 28, 2014
Posted by NJFI media
अहंकारी, पूर्वाग्रही व झूठ की किताब व नाजीवादी मोदी कभी नहीं सुधरेगे
उज्जैन। अपने आपको चुनाव पूर्व ही प्रधानमंत्री मानने तथा अपनी शाब्दिक लफाजी, झूठ अफवाह, प्रायोजित सभाओ, सर्वे तथा अपनी गेंग से अपना प्रचार करवाने वाले मोदी जो सर्वे अपमानक स्वंय को उच्च व अन्यों को दोयम दर्जे का समझने, अविवेकी झूठ बोलने में मोदी सिद्ध हस्त हैं अंबानी व कारपोरेट के धन से मोदी अति रोचक नाटक नौटंकी भी कर रहे है। सत्ता की भूल ने प्रतिक्रियावादी मोदी को मानसिक रूप से उद्वलित कर दिया है। मोदी भूल जाते है कि झूठ की उम्र क्षणिक होती है वह जन्म लेते ी मर जाता है। मोदी में विवेकी ज्ञान की कमी स्पष्ट झलकती हैं।
एशिया के सबसे बडे सोलर प्लांट के उद्घाटन समारोह नीमच जिले के भगवाुनपुरा में सम्पन्न हुआ, उसमें मोदी ने बिना तथ्य व सत्य जाने पूर्वाग्रही उद्बोधन दिया मोदी ने कहा भारत में पयाप्त कोयला है, किन्तु भ्रष्टाचार, के कारण उत्खन्न नहीं हो रहा है पर्याप्त कोल भण्डार तो फिर आयात की जरूरत ही क्या है। यदि पावर माफियाओं ने संवाद कर कोयले की गुणवत्ता पूछते तो पूर्वाग्रही बयान ही नहीं देते। भारत में कोयला एवं सी श्रेणी का है उसकी धुलाई महंगी पडती है ताकि परमल प्लांट को नुकसानी से बजाया जा सके। भारतीय खदानों में कोयले में पत्थर व मिट्टी की प्रतिभा अधिक है यदि संपूर्ण कोयला भारतीय वापस जाऐ तो वर्ष में 2 या तीन बार प्लांट बंद हो जाए पूर्वाग्रही बयान व शाब्दिक लफाजी मोदी का चरित्र है। मोदी ने यह क्यों नहीं कहा की प्रत्येक घर में सौर उर्जा प्लांट लगाये जाए ताकि घरेलू बिजली की मांग में 50 से 60 प्रतिशत की कमी हो जाए।
मोदी स्वंय को बुद्धिमान मानते है तो एनजेएफआई के 18 सवालों का जबाव सार्वजनिक मंच से देते। एक भी सवाल का उत्तर मोदी, अभी तक नहीं दे पाये, और न ही दे पायेगे क्योंकि प्रश्न शाश्वत सत्य है। सत्य किसी को डराता नहीं, किन्तु सत्य से सभी डरते हैं।


