Published On:Friday, February 28, 2014
Posted by NJFI media
म.प्र. सरकार की शातिर, लूट, डकैती से जनता सावधान व सचेत रहे
उज्जैन। समूचा प्रदेश महाकर्ज के जंजाल में है म.प्र. पर 1 लाख 10 करोड का कर्ज है और भारी ब्याज देना पउ रहा हैं सरकार अपनी प्रतिभूतियाॅं बेच रही है। 40 हजार करोड की अनुदान मांग भी स्वीकृत की गई। अनुत्पादक व्यय में शिवराज नया रेकार्ड स्थापित कर रहे ह। प्रत्येक परिवार, किसान घासलेट का उपयोग करने वाला झोपडी नविासी भी शिवराज सरकार की लूट का शिकार हो रहा है। उर्जा ईधन पर शिवराज 25 प्रतिशत का वेट कर वसूल रहे है, जिसके कारण डीजल, पैटोल रसोई गैस व घासलेट महंगा मिल रहा है। शिवराज महंगाई का ठीकरा केन्द्र सरकार पर फोड रही है। बिजली भी व पानी भी महंगा दे रही है। 50 हजार करोउ के तीन कोल ब्लाक का मालिक बनाया 19 प्रतिशत की घाल मेल रहस्य बना हुआ है। केन्द्र से सिंहस्थ हेतु 2 हजार करोड मांग रहे है। सिंहस्थ 16 की केन्द्रिय राज्य व स्थानीय समिति तक नहीं बनी। 1500 प्रति मिनटि बिजली व्यय वाली नर्मदा खिप्रा लिंक का राजनीतिकरण कर रहे है। उज्जैनिया में सरकार कश्े नाम पर 2 करोड का व्यय किया। नर्मदा देवास तक नहीं पहॅुची शिप्रा डेम का पानी छोडा व उसे नर्मदा बताकर उज्जैन रामघाट समारोह में लाखों व्यय किए। व्यापम घोटाले, 300 करोड के उज्जैन बीज घोटाले होशंगाबाद के करोडों के बीज घोटाले की जाॅं से भी कतरा रहे है।
प्रदेश की जनता बदहाल स्थिति में है। म.प्र. सरकार की शातिर डकैती व लूट पर मीडिया मौन है क्यों की भारी भरकम विज्ञापन प्रतिदिन दिए जा रहे है। कांग्रस तो जिंदा लाश है दो तीन नेताआं को छोड सभी को सांप संूघ गया हैं नौकरशाहों व भ्रष्टों के पास करोडों की काली कमाई मिल रही है शिवराज में प्रशासकीय व समीक्षा शक्ति है ही नहीं। भाजपाई विधायकों को भी अपना बंधुवा मजदूर मान रहे है।
प्रदेश की जनता बदहाल स्थिति में है। म.प्र. सरकार की शातिर डकैती व लूट पर मीडिया मौन है क्यों की भारी भरकम विज्ञापन प्रतिदिन दिए जा रहे है। कांग्रस तो जिंदा लाश है दो तीन नेताआं को छोड सभी को सांप संूघ गया हैं नौकरशाहों व भ्रष्टों के पास करोडों की काली कमाई मिल रही है शिवराज में प्रशासकीय व समीक्षा शक्ति है ही नहीं। भाजपाई विधायकों को भी अपना बंधुवा मजदूर मान रहे है।


