Published On:Saturday, February 8, 2014
Posted by NJFI media
बाबा रामदेव की घिनौनी मानसिकता
उज्जैन। अपने आपको योग गुरू, महायोगी जातते है बाबा रामदेव। यथार्थ मं वे योगी नहीं है। वे तो स्वार्थ, ढोग, धन और घिनौनी धन की दुकान है। सच्चा योगी लोक कल्याण, उद्धार, निष्काम भाव से करता है। स्वार्थ, राजनीति व मायामोह व सम्मान से परे होता है। बाबा रामदेव तो योग, दवा, धन, राजनीति व मोदी मोह की दुकान ही है। धन विकृति ने उनके मन, मष्तिष्क, विचारां कार्यशीलता भावनाओ को प्रदूषित कर दिया है। रामदेव विवेकहीनता के घृत में है और मोदी धन व सत्ता मोहने उन्हं घृतराष्ट बना दिया है। बाबा रामदेव सभी प्रकार के संयम खो चुके है।
सोनिया शहीद की पत्नि है, देशमाता के रूप में उनका सम्मान किया जाता है अटल अडवाणी व सभी दल सुर्खी बनने हेतु रामदेव उलजलूल बयान देने से नहीं चूकते। यदि बाबा रामदेव कृत्य व षडयंत्र उजागर हो गए, जनता भडक गई तो स्त्रीवेश धारण करने पर नहीं बचपायेगे। आस्था तक का महल ध्वस्त हो जायेगा। लोभी रामदेव संयमवादी बने। पाखण्ड, ढोग, झूठ व उन्माद जन्म लेते ही मृत्यु की गोद में समा जाते है। बाबा रामदेव को एनजेएफआई विवेकरस पिला हरा है और स्वंय को सुधारने की दक्षिणा दे रहा है। विश्वास है बाबा रामदेव अवश्य ही सुधर जायेगे। हम तो सत्य, न्याय नीति व सुसंस्कारों के पक्षधर हैं।


