Published On:Saturday, February 8, 2014
Posted by NJFI media
भीलाचंल में रेल सुविधा कब
उज्जैन। केन्द्र व राज्य सरकारे, नेता, मंत्री, दल व सभी प्रतिनिधि आदिवासी विकास सेवा, सहायता सुख, सुविधा के मगर मच्छी आॅंसु बहाते है, किन्तु उनके पक्ष में कुछ भी नहीं करते। यह धु्रव सत्य है की इस मुल्क के मालिक आदिवासी ही थे, राजाओं दंबेगों, धनकुबेरों, सुलतानों ने उनकी सभी जमीने हडपी व टूटी फूटी झोपडियों व दयनीय स्थिति में जीवनयापन कर रहे है। 21 वी सदी के दूसरे दशक में भी उनकी यही स्थिति हैं। हर सरकार, दल, नेता, व्यवस्था व जनप्रतिनधि आदिवासी को छलने का चरित्र रखते हैं।
भीलांचल क्षेत्र में रेल्वे सुविधा की दरकार विगत 35 वर्षो से है। केन्द्र ने इंदौर दाहोद लाइन का सर्वे कराने की घोषणा की। दुख इस बात क है कि रेल्वे बजट में कोई प्रधानता नहीं दी गई। इंदौर दाहोद रेल मार्ग पर एक इंच रेल पटरी नहीं विछवाई। दोषी तो सभी है किसे अपराधी कहें स्रपंग सरकार व अंतिम बजट आने को है। भीलांचल के सभी दल, नेता जनप्रतिनधि व जनता इंदौर दोहद रेल मार्ग की पूर्ण करने का आंदालन चलाये, बिना राजनैतिक लाभ हानि को देखते हुए। नेहा पाटकर, आपपार्टी व सभी दल इस दिशा में त्वरित पहल करे। रेल्वे मंत्रालय भी इंदौर दोहद रेल लाईन पूर्ण करने की बजटीय व्यवस्था करे। भीलांचल के विकास समृद्धि व रोजगार मूलक योजना की दो या तीन वर्ष में पूर्ण करना जरूरी। पूर्ण योजना हेतु रेल्वे बजट 2013 14 संपूर्ण राशि का प्रावधान किया जाये।


