Published On:Tuesday, February 11, 2014
Posted by NJFI media
संघ में बदलाव की जरूरत
नागपुर। संघ में अब कोकंणी ब्राम्हणों की कुंठित राजनीति लक्ष्य व रीतिनीति नहीं चलेगी। संघ बौद्धिक संघ की नीति एवं नियत पर बदलाव हेतु आत्म चिंतन करे। हिन्दुत्व की सही व सच्ची परिभाषा आर सनातन धर्म को महत्व द। महर्षि दयानंद व स्वामी विवेकानंद के विचार, सिंद्धांत व निर्णय ही संघ की सच्ची गीता हा सकते है। लोभवादी व व्यापारवादी संघ द्वज्ञरा की विचार गीता को पढने व समझने हेतु तैयार ही नहीं। संघ को अब समयानुकुल अपने रूप, स्वरूप व लक्ष्यों को बदलना होगा, राजनीति के नर्क व मोदी मोह को त्यागना होगा। संघ को सुसंस्कारों आदर्शो मानवमूल्यों व देशभक्ति का घर बनाना होगा। अभी तो सघ राजनीति व गौरखधंधे की दूकान और व्यवसाय केन्द्र नजर आ रहे ह। जमीन, राजनीति व व्यापार भावना का त्याग जरूरी हैं।


