Published On:Thursday, February 6, 2014
Posted by NJFI media
भ्रष्टाचार कालेधन की समाप्ति हेतु अमीरी की सीमा रेखा तुरंत तय करो
उज्जैन। देश में भ्रष्टाचार कभी अपराध माना जाता थ। अब तो राष्टीय संस्कति सौजन्य व सेवा शुल्क तथा मानवीय समाज का अभिसमय बन गया है। भ्रष्टाचार शातिर फूहड व बहुआयामी तरीको, साधनों व माध्यमों से किया जाता है और उसे वैध बनाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। हर भारतीय भ्रष्टाचार को अपने सिर पर उल्टा लटका हुआ कल्प वृक्ष मातना है उसकी छाह में बैठना चाहता है। इस राष्टीय वृक्ष की शाखाएं नजर आती है, किन्तु जडों का संज्ञान नहीं हो पाता, उसकी जेड अदृश्य ही होती है। इस कल्पवृक्ष के जन्मदाता पॅंूजीपति, कारपोरेट जगत, मंत्री, नेता दल, दलाल, अति संभ्रात बुद्धिजीवी आम आदमी नौकरशाह है। सभी अपने ढंग से उसे पोषित कर हरा भरा रखते हैं। भ्रष्टाचार को सौजन्य व्यवस्था माना जाता है। सौजन्य से सभी प्रसन्न रहते है। काॅमन वेल्थ घोटाले को लेकर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर प्रकरण दर्ज करने की तैयारी आप पार्टी ने की विद्युत उपकरण खरीदी में घोटाला हुआ घेाटाला शीला दीक्षित ने किया या उनके विभागीय अफसरों या शातिर गेंग ने यह सत्य है की भ्रष्टाचार हुआ है जो भी दोषी हो उसे सजा मिलना चाहिए कितने बडे बड घोटाले उजागर हो रहे किन्तु सजा नाम मात्र लोगों को मिली। विदेशीधन, चंदा भी तो अपराध है भ्रष्टाचार करने वाला भ्रष्टाचार राशि देने वाला भी बराबरी के अपराधी है। राजा और रंक भ्रष्टाचार प्रिय व पोषक है।
भ्रष्टाचार के बाते करना, प्रश्न पूछना व्यर्थ है। भ्रष्टाचार समाप्ति के समाधानां को प्रस्तुत करना जरूरी है। कोहराम मचाने की बजाय समाधानक बनो। लोकायुक्त लोकपाल जन लोकपाल भ्रष्टाचार अधिनियम सब व्यर्थ है। कठोर व अप्रिय सुव्यवस्था वादी समाधान जरूरी है।
केजरीवाल अण्णा, राहुल, सोनिया सुषमा, जेटली, मुलायम, नीतिश ममता, मोदी, जयललिता व सभी दल भ्रष्टाचार की समाप्ति नहीं चाहते है यदि भ्रष्टाचार समाप्त करना है तो देश में अमीरी की सीमा रेखा तुंरत तय करो, परिवार को उसकी इकाई बनाओ, चाहे वह संयुक्त हो या विभक्त। किसान परिवार हेतु 2 एकड जमीन एक या दो मकान निर्धारित हो। शेष अतिशेष चल अचल संपत्ति राजसात करे।
इस व्यवस्था से धन साध्य नहीं साधन होगा, भ्रष्टाचार कालाधन, विदेशीधन, मिलावट, जमाखोरी कालाधन विदेशी जन, समाप्त होगा। सुव्यवस्था भंजक की चल अचंल संपत्ति राजसात करने का दण्ड विधान में लागू करो। यही व्यवस्था सुशासन कुशलता की व्यवस्था हैं।


