Published On:Wednesday, February 26, 2014
Posted by NJFI media
एक अनोखा तोता जिसने अपनी मालकिन के हत्यारे को पकड़वाया
आगरा। तोता सब कुछ देखता है और बोलता है। यह अक्सर सुना जाता था। 20 फरवरी को हुई स्वराज्य टाइम्स के संपादक विजय शर्मा की पत्नी नीलिमा शर्मा की सनसनीखेज हत्या के खुलासे में पालतू तोते हीरा ने यह दिखा दिया। पुलिस जब चार दिन में कोई प्रगति नहीं कर सकी तो विजय शर्मा ने हीरा के सामने संदिग्धों के नाम लिए। भांजे आशुतोष के नाम पर वह टेंटें करने लगा। पहले से ही उस पर शक था, इसके बाद पुलिस को भी बता दिया।
परिजनों के मुताबिक नीलम शर्मा को पालतू जानवर रखने का शौक था। सत्ताइस साल पहले उन्होंने तोता पाला, इसका नाम हीरा रखा। नीलम हीरा को बच्चों की तरह लाड़-प्यार करती थीं। कई घर बदल गए, मगर हीरा घर के अहम सदस्य के रूप में हमेशा साथ रहा। विजय शर्मा ने बताया कि इसीलिए वह भी हमेशा उनके करीब ही रहता था। इतना ही नहीं खाना खाते समय वह कंधे पर बैठकर उनके मुंह से खाना तक निकाल लेता था। गुरुवार को नीलम की हत्या के समय वह कमरे में ही था। चश्मदीद पक्षी की आंखों में पूरी वारदात का सीन था। मगर, बयां करने को शब्द नहीं थे। हत्या के बाद आशुतोष और उसका साथी हीरा के पिंजरे के ऊपर शॉल डाल गए थे। पुलिस की जांच में सभी लाइनें बंद होती जा रही थीं। परिजनों को आशुतोष के हाव-भाव से शक था। उसके सीधे हाथ में चोट से और गहरा रहा। इसके बाद सोमवार को विजय शर्मा ने हीरा के सामने कई संदिग्धों के नाम लिए और पूछा कि अपनी मालकिन के कातिल का नाम बताओ। हीरा ने छह नामों में से अन्य सभी के लिए तो ना में सिर हिला दिया। मगर, आशुतोष का नाम आते ही वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। ऐसा कई बार होने पर परिजनों ने इसके बाद पुलिस को आशुतोष के बारे में बताया। कॉल डिटेल से भी पुलिस का शक उस पर जा रहा था। पुलिस उसे थाने लेकर आई तो आशुतोष ने गुनाह कुबूल कर लिया।
वफादारी में टफी ने दी थी जान
नीलम शर्मा के जर्मन शैफर्ड डॉग टफी ने पूरी वफादारी निभाई। अपनी मामी की हत्या करने वाले आशुतोष पर टफी लपका था और उसका हाथ काट लिया। जिसके बाद आशुतोष ने टफी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी।


