Published On:Tuesday, February 18, 2014
Posted by NJFI media
देश को जीने दो धूर्तो व मक्कारों
उज्जैन। देश, आजादी, तिरंगा, प्रजातंत्र और संविधान जीवन जीना चाहता है किन्तु देश के महामक्कार, धूर्त, राजनेता राजनैतिक एवं सीआयए व उसके दल्ले, देश के पॅंूजीपति, कालेधन कुबेर, कारपोरेट जगत, नाजीवादी ताकते व उनके मुखौटे सभी की कू्ररता पूर्वक हत्या कर रहे है। सत्ता व धन सुन्दरी सभी की चाहत है। 20 प्रतिशत सम्पन्न 80 प्रतिशत वंचितों को अपना बंधुवा मजदूर बना रही है, उस पर एक छात्र राज कर रही है, उस पर अपनी सार्वभौम सत्ता, अर्थव्यवस्था व अन्य व्यवस्था थोप रही है। लोभवाद, मुक्तवाद व सबसीडीवाद के टुकडे फेंक कर सभी को मुक्ति कर हराम खोरी की जंजीरों में जकडा रहा है और धन को देवता मान कर उसी की पूजा अर्चना हेतु व्यवस्थाएं बनाई जा रही है ये हत्यारे दैत्य, अति शातिर व कुटिल है। ये सभी मक्कार धूर्त जनता को महामूर्ख व भिखारी ही मानते है।
सभी नेताओं व दलां का यही चरित्र रहा है और रहेगा। ये ही सभ्रात एवं शातिर डकैत पैदा कर रेहे है। धन, भ्रष्टाचार एवं घोटालों की आग में, देश, आजादी, तिरंगे प्रजातंत्र, संविधान और व्यवस्थाओं को जल रहे है, स्वंय को मसीहा वउद्धारक घोषित कर रहे, खूब माल खा रहे, धनकुबेर बन रहे है, सब कुछ खा चुके है फिर भी भूखे है और अब देश व 80 प्रतिशत वंचितों को खाने की युक्ति कर रहे है। पॅंूजीपतियों व कारपोरेट का दल्ला मोदी कह रा है जो काम 60 वर्षो में नहीं हुआ, वह 60 माह में कर देगे। आम आदमी केन्द्रित अर्थ व्यवस्था समाप्त कर पॅंूजीवादी अर्थ व्यवस्था थोपी जा सकती है, नाजीवादी अराजकता स्थापित की जा सकती है। मोदी 60 माह क्यों मांग रहे है, 60 मिनीट में भी उपरोक्त कार्य हो सकता हैं।
किन्तु पंथ निरपेक्ष जनता, नाजीवादियों, पॅंूजीपतियों व कारपोरेट जगत के दल्लां व मुखौटे में विश्वास ही नहीं करती है। नाजियों पॅंूजीपतियों कारपोरेट जगत के धूर्तो वमक्कारों देश, समाज, इन्सान, आजादी, तिरंगे, सुव्यवस्था व संविधान की हत्या बंद करो। ये सभी प्रत्योजित नाटक नौटंकियों से देश की जनता को धृणा हैं 80 प्रतिशत वंचित जनता का यही संदेश हैं।


