Published On:Saturday, March 22, 2014
Posted by NJFI media
मोदी अपने आप में प्रश्न चिन्ह
उज्जैन। मोदी अपने आपको अभी से ही प्रधानमंत्री मान रहे है मोदी की सरचना ही प्रश्न चिन्होमयी नजर आती है। मोदी अपने आप में प्रश्न चिन्ह हैं मोदी का शाश्वत सत्य यही की वे गपोडों झूठेले स्वातर््ीा पूर्वाग्रही षडयंत्री सर्व अपमानक कू्रर हिकस मह मक्कार व धूर्त तथा सत्ता की भूख से विचलित हैं मोदी का अपमान चिंतन, अध्यन कुछ भी नहीं है। विकास का अभी उन्हें याद नीं है। शाब्दिक लफाजी, झूठ षडयंत्र हिंसा, प्रायोजित सभा ही उनका चरित्र हैं। मोदी महाधूर्त है मोदी व भाजपा तो अंबानी की जेब में कठपुतली है अंबानी के स्तनों के दूध से ही उन्हें सन्तुष्टी मिलती है मोदी स्वंय को कट्टर हिन्दुत्व का ठेकेदार मानते है किन्तु नाजीवाद व हिंसा के सिवा सच्चे हिन्दुत्व सनातन धर्म मानवीय मूल्यों आदर्शो से कोई वास्ता नहीं हैं आराधना स्थलों के नाम पर हिंसा मोदी का लक्ष्य है।
ऐसा घिनौना चरित्र है मोदी का देश व जनत उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में कभी स्वीकार नहीं कर सकती हैं। धन बल से खरीदकर मोदी स्वंय को जनप्रिय जता रहे किन्तु वे जनता के प्रति घृणा करते हैं।
ऐसा घिनौना चरित्र है मोदी का देश व जनत उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में कभी स्वीकार नहीं कर सकती हैं। धन बल से खरीदकर मोदी स्वंय को जनप्रिय जता रहे किन्तु वे जनता के प्रति घृणा करते हैं।


