Published On:Sunday, March 2, 2014
Posted by NJFI media
राजस्थान में पहली बार आसमां से खोजेंगे जमीन में गड़ा खजाना
यपुर. भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (पश्चिम क्षेत्र) ने धरती के नीचे ढाई सौ मीटर की गहराई में दबे दुर्लभ तत्वों और धातुओं का पता लगाने के लिए उन्नत दर्जे का हेलिकॉप्टर धु्रव खरीदा है। इसे 'गरुड़ वसुधा' नाम दिया गया है।
राजस्थान में पहली बार इस तकनीक से पाली और सीकर में जल्द ही हवाई सर्वेक्षण का काम शुरू होगा। दोनों जिलों में जमीन के अंदर काफी मात्रा में शीशा, तांबा तथा जस्ता मिलने की संभावना है। हेलिकॉप्टर की कीमत 63 करोड़ रुपए है।
आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित इस हेलीकॉप्टर को गरुड़ वसुधा नाम दिया गया है। इसकी खासियत है कि यह हवाई सर्वेक्षण से जमीन के ढाई सौ मीटर नीचे तक सूचनाएं संकलित करेगा। इससे पहले केवल सौ मीटर गहराई तक ही खोज हो पा रही थी। इस साल जीएसआई ने हवाई सर्वेक्षण के लिए राजस्थान में पाली जिले के ढाणी, पूनागढ़ पट्टिका और सीकर जिले में नीम का थाना पट्टिका को चिह्नित किया गया है।


