Published On:Friday, March 28, 2014
Posted by NJFI media
मोदी के कारण साम्प्रदायिक सद्भाव व एकता के खतरा
उज्जैन। गुजरात दंगे मोदी के लिए अपनी अभिशाप हीहै। 1029 लोगों ने अपनी जाने गवाई थी गुजरात में फर्जी एनकाउन्टर में भी अनेक हत्याएं हुई है। मोदी के शासन काल में ही हुई ह। मोदी गेंग ने मुजफरपुर दंगों को भी भूनाने दी की पहल की, साम्प्रदायिक समरसता मेें जहर घोला। मोदी प्रचार कर रहे है कि गुजरात दंगों से वे दुखी थे। दंगों के शह तो गुजरात सरकार की ही थी। मोदी सत्य की हत्या में भी माहिर है अब सहारनपुर के कांगे्रसी प्रत्याशी इरफान मसूद का गुस्सा फूटा। उन्होंने कहा मोदी के टुडे टुकडे कर देगे और भद्दी गालियाॅंदी।
इरफान मसूद का यह कृत्य प्रजातांत्रिक नहीं माना जा सकता। उनके बयान से साम्पद्रायिक सद्भाव व एकता को खतरा हो सकता है चुनाव में वर्गवादी संघर्ष की स्थिति बन सकती है मसूद पर प्रकरण हुआ है गुस्से व आक्रोश में हिंसा साम्प्रदायिकता भडकाने वाले बयानउचित नहीं है। मादी नाजीवादी व हिंसा प्रिय है देश व उ.प्र. को जलाना चाहते है काशी मथुरा उनका बहाना होगा। मसूदइतना जान ले की जो आद्य देव श्वि और सनातन धर्म का अपमान कर गर्वित हो सकता है वह हर प्रकार के घृणित कार्य करसकता हैं।आक्रोश में वाणी संयम खाना न तो उचित है और न ही प्रजातांत्रिक। इरफान मसूदको गलत बयानों हेतु सार्वजनिक माफी मांगना चाहिए। मोदी तो सभी को बुराई का पुतला बताते है और स्वंय को भगवान इसमें दो मत नीं कीमोदी के कारण देश साम्प्रदायिकता सद्भाव व एकता को खतरा हैं निकट भविष्य में कू्ररतम साम्प्रदायिकता दंग होने की आशंका है।


