Published On:Friday, March 28, 2014
Posted by NJFI media
मोहन भागवत अविश्वास की आग में
उज्जैन। संघ की गरिमा व सम्मान समाप्त हो गया है। संघ पर अनेक प्रश्न चिन्ह लग रहे है। मोहन भागवत भी अविश्वास की आग में जलते हुए नजर अ रहे है संघ गौरखध्ंाधों, सत्तावादी राजनीति की घिनौनी दूकान हो गया है मोहन भागवत काल में संघ की प्रतिष्ठा बहुत गिरी मोदी मोह में भगवतघृतराट हो गए है संघ को राजनीति के नर्क में तैराने लगे, धन, जमीन, व्यवसाय, झूठी, सिद्धातवादिता व्यक्तिवादिता पूजा, संघ क विधान संविधान हो गया है। संघ अब मोदी का बंधुवा मजदूर हो गया हैं मोदी का संघ भाजपा का भगवान बन दिया भागवत ने विशेष षडयंत्र रच कर अंबानी अदनानी व कारपोरेट की धन विकृति संघ का चरित्र हो गई है। विदेशों से भी संघ को धन आने लगा हैं। विदेशों से भी संघ को धन आने लगा है। संघ को बौद्धिक प्रकोष्ठ के भी जंग लगा है। मोदी ने आद्यदेव शिव व सनातन धर्म का खुला अपमान किया, भागवत, मोदी व संघ प्रसन्न हुआ, अहं सवाल का मोहन भागवत ने अपनी संघी आत्मा क्यों बेची और किसने खरीदी जो स्वंय में विवेकानंदवादी था मोदीवादी व धनवादी व राजनीति वादी कैसे हो गया मोहन भागवत अविश्वास की आग में जल कर भस्मी भूत हो रह ेहै।


