Published On:Monday, March 31, 2014
Posted by NJFI media
झूठ, उन्माद व गप्पों की राजनीति
उज्जैन। 16 वी लोकसभा केचुनाव में सभी राजनैतिक दल नग्नावस्था में खेड नजर आ रहे है। जनत के मुद्दों देश विकास व लोकहित की बाते कोई नहीं कर रहा। सभ दलीय नेता, पूर्वाग्रही आरोप मढने व स्वंय को अच्छा जताने की पहल कर रहे हैं मोदी तो अति निम्न स्तरीय प्रदर्शन कर रे है सबे बुरा व स्वंय को अच्छा जता रहे है अपनी बुराई उन्हें नजर नहीं आ रही दल, उन्माद, अपमान, साम्प्रदायिकता का जहर फैला रहे। लोभवाद को मूर्त रूप देकर, जनचरित्र को आलस्यी व हंगामाखोरवादी बना रहे हैं। सभाओं चप्पलें फेंकी जा रहीहै हमले हो रहे स्याही व अण्डे फेकेजारहे इस चरित्र को स्वस्थ प्रजातंत्री चरित्र कैसे माना जा सकता है धन विकृति की चरणदास आज की राजनीति हो गई है पॅंूजीपति, उद्योगपति कालेध्न कुबेर, व कारपोरेट के हाथों में राजनीति का रिमोट है अंबानी अदनानी व कारपोरेट व उद्योगपति तथा विदेशी ताकते दलों का धन दे रही। मोदी के नंगेनाच का आधार ही अंबानी का धन हैं। सभी दल, फर्जीपन, अपराध एवं पूर्वाग्रही एवं षडयंत्री राजनीति कर रहे है कोई भी दल पाक साफ नहीं। सभी को सत्त सुन्दरी बंधन की चाहतहै इन राजनीति के पण्डों व भ्रष्टों तथा धर्म संस्कृति, संस्कार, देशभक्ति के ठेकेदार भी घिनौनी राजनीति व नेताओं के बंधुवा मजदूर नजर अरहे है। मोहन भागवत स्वंय सिद्ध साक्ष्य है। देश में राजनीति नहीं अपितु सत्ता नीति धन नीति, षडयंत्री ही चल रही है 80 प्रतिशत को बहुआयामी ढंग से गुलाम बनाने के षडयंत्र रचे जा रहे है। भारत में चुनाव व्यर्थ है। बडा परिवर्तन जरूरी है किन्तु देशवासियों के सोच को स्वार्थ व लोभवाद खा गया तो बडा परिवर्तन और महा क्रांति कैसे हो। सभी को विवेकहीनत तथा महानिंद्रा ही पंसद हैं।


