Published On:Monday, March 31, 2014
Posted by NJFI media
नगर निगम उज्जैन में शातिर भ्रष्टाचार
उज्जैन। नगर निगम को भ्रष्टाचार व घोटाले निगम के रूप में जाना जाता है शातिर घोटाला उजागर हुआ। महाकाल क्षेत्र में अधिकांश आवासीय भवन रेस्ट हाउस में तब्दील हो गये, याने व्यवसायिक हो गये। नगर निगम ने नक्श्ेा भी स्वीकृत किए क्या भूमि उपयोग बदलने का अधिकार नगर निगम को है, बिना पार्किग स्थल बनाये रेस्टाहाउस के नक्शे स्वीकृत किए जा सकते है ऐसा हो ही नहीं सकता। भूमि उपयोग बदलने की अनुज्ञा टीएनसी ही देता हैं।
मगर नगर निगम के भ्रष्ट अफसरों ने आवसीय मकानों को व्यवसायिक में बदला, याने लेंण्ड न्यूज बदला व बिना पार्किग स्थल वाले लाजेंस के नक्शें स्वीकृत किए।
संभागायुक्त व जिलाधीश व आयुक्त नगर निगम को इस अवैध कुकृत्य का संज्ञान है या नीं वे ही जाने। अवैध कृत्य हुआ है जो शातिर भ्रष्टाचार का प्रमाण है संभागायुक्त जिलाधीश आयुक्त नगर निगम संयुक्त रूप से प्रत्यक्ष जाकर सत्यापन करे। मामले अति रोचक निकलेगे।


