Published On:Wednesday, March 5, 2014
Posted by NJFI media
प्राकृतिक आपदा को लेकर भाजपा सरकार का सरकारी आंदालन
उज्जैन। केजरीवाल की नकल शिवराज कर रहे है। ओलावृष्टि व वर्षा से कितना नुकसान हुआ, इसका संपूर्ण संज्ञान तक नहीं है। सर्वे में मनमानी और मनचाहे आकडे, क्षेत्र और प्रतिशत मण्डियों में नए गेहॅंू की आवक। जिसमें गेहॅू की मिलावट। सरकार ने 2 हजार करोड का मुआवजा स्वीकृत किया व केन्द्र से प्राकृतिक आपदा को राष्टीय आपदा घोषित करने व विशेष सहायता पैकेज हेतु 6 मार्च को प्रदेश बंद, धरने व प्रदर्शन की नौटंकी का ऐलान किया।
सर्वेपूर्ण नहीं, नुकसान कहाॅं से हुआ। वास्तव में 100 प्रतिशत नुकसान वाले क्षेत्र कौन से हैं। कुछ भी स्पष्ट नहीं है। सभी दलों को सथ लेकर दिल्ली जाना था, अकेले गए और दाल में काला व नियत में खोट उजागर हुई। जब फसले बर्बाद हो गई तो मण्डियों में मिलावटी गेहॅंू की भारी आवक कहा से व क्यों हो रही है इसका उत्तर भी शिवराज के पास नहीं है। लगता है मुआवजा राशि 2 हजार करोड को राजनैतिक स्वरूप में भुनाने की कवायद सरकार कर रही है। फसलों का बीमा है तो बीमा कम्पनी से क्लेम क्यों नीं वसूला जा रहा है। 6 मार्च का आंदोलन केन्द्र सरकार को बदनाम करने तथा लोकसभा चुनाव में प्राकृतिक आपदा को भुनाने की नाटक नौटंकी के सिवा कुछ भी नही है।


