Published On:Wednesday, March 5, 2014
Posted by NJFI media
दूषित वातावरण के दोषी हम सब
उज्जैन। स्वस्थता के साथ जीवनयात्रा पूर्ण करना कठीन हो गया। जल व वायु प्रदूषण चरम पर है। दोषी हम सब उर्जा इ्रधन के अंधा उपयोग, वाहनों की बडती संख्या, उद्योगों व हम सभी के उन्माद से प्रदूषित होती नदियाॅं स्वस्थय वातावरण का अभाव। जीवन की सांसों हेतु स्वस्थ हवा का संकट, ध्वनि प्रदूषण से बहरेपन का शिकार होता आम आदमी। राजा और रंक को पर्यावरण की तनिक चिता नहीं। सभी की उम्र की सीमा घट रही, आदमी अनेक प्रकार के रोगों को अजायम घर बन रहा फिर भी उन्माद चरम पर। बेरहमी से वृक्षों की कटाई। दाह संस्कार की लकडी तब महंगी होती जा रही है।


