Published On:Tuesday, March 4, 2014
Posted by NJFI media
उद्धव ने राज के लिए एनडीए के दरवाजे किए बंद
मुंबई।
पूर्व भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष की एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात
पर शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे नाराज हैं। उन्होंने बीजेपी से इस मसले
पर सफाई भी मांगी। उद्धव के तेवर देख कल देर रात महाराष्ट्र बीजेपी के
अध्यक्ष देंवेद्र फडनवीस उद्दव से मिले और इस मुलाकात की पूरी जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने उद्धव को एमएनएस को एनडीए में शामिल करने का
फॉर्मूला भी सुझाया। लेकिन उद्धव ने इससे इनकार कर दिया।
सूत्रों
के मुताबिक देवेंद्र फडनवीस और उद्धव के मुलाकात में बीजेपी ने कल रात को
प्रस्ताव रखा था कि एमएनएस को एनडीए का घटक बनाया जाए। प्रस्ताव के मुताबिक
बीजेपी एमएनएस को पुणे देगी, शिव सेना नासिक सीट छोड़े। एमएनएस सूत्रों की
मानें तो 5 सीट की मांग की गई है। लेकिन बीजेपी 3 सीट पर ही राज़ी हो सकती
है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक उद्धव ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर
दिया।
उधर, उद्दव ने सामना में एक संपादकीय भी लिखा है जिसमें उन्होंने कहा कि बीजेपी में संवादहीनता है। उद्धव ने सामना में लिखा है-
महाराष्ट्र
में बीजेपी-शिवसेना-आरपीआई की महायुति पर बीजेपी के नेताओं में ही एकसमान
विचार नहीं हैं। बीजेपी में कम्युनिकेशन गैप है। दूसरी और नितिन गडकरी कृषि
मंत्रि शरद पवार और एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे पर प्रशंसा कर रहे हैं। ये
सब बीजेपी का अंदरूनी मामला है। हमारा गठबंधन कांग्रेस–एनसीपी की सरकार को
उखाड़ फेंकने के लिए कठिबद्ध है। हमारी नीति स्पष्ट है। अगर बीजेपी का कोई
भी नेता कांग्रेस और एनसीपी के किसी नेता का प्रचार करते हैं तो जनता
उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
गडकरी का बयान
वहीं
नितिन गडकरी ने कल ही कहा था कि राज ठाकरे की उम्मीदवारी से कांग्रेस को
लाभ होता है। हम वह टालना चाहते हैं। वैसे इससे ज्यादा अहम है कि राज NDA
के साथ आएं और समर्थन दें। कोशिश है कि वह उम्मीदवार ना उतारें और अगर
उतारे तो भी कम उतारें। कांग्रेस विरोधी वोटों में विभाजन टालना जरूरी है।
गडकरी
ने कहा कि हमारे उम्मीदवार तय हो गए हैं। वे नहीं बदलेंगे। फिलहाल गठबंधन
की कोई संभावना नहीं है। उद्धव की नाराजगी के मसले पर उन्होंने कहा कि राज
से जुड़ा कोई भी फैसला गठबंधन की सभी दलों से बातचीत कर होगा। मैं भी एक
नेता हूं। मैं सभी से मिल सकता हूं। इसलिए किसी को नाराज होने की कोई जरूरत
नहीं।

