Published On:Thursday, March 6, 2014
Posted by NJFI media
दिल्ली में राष्ट्रपति शासन को केन्द्र ने सही ठहराया
केन्द्र सरकार ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को न्यायोचित ठहराया।
केन्द्र सरकार ने आम आदमी पार्टी (आप) एवं दिल्ली के पूर्व परिवहन मंत्री सौरभ भारद्वाज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब में यह बात कही। केन्द्र सरकार ने न्यायालय को सौंपे गये अपने हलफनामे में कहा है कि दिल्ली में राजनीतिक परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं और अन्य दलों के द्वारा सरकार के गठन के दावे से इनकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए दिल्ली विधान सभा को भंग कराकर चुनाव कराना अनुचित होता। केन्द्र ने कहा कि आप का यह दावा कि कोई भी पार्टी सरकार बनाने के पक्ष में नहीं है। पूरी तरह से मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है और केवल इस आधार पर फैसला लिया जाना गलत होता। केन्द्र सरकार ने न्यायमूर्ति आरएम लोढा और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ के समक्ष सील बंद लिफाफे में अपना यह हलफनामा पेश किया। गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने केन्द्र सरकार की अनुशंसा पर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने को मंजूरी दी है जिसे शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई है।

