Published On:Sunday, March 23, 2014
Posted by NJFI media
हर-हर मोदी' से शंकराचार्य नाराज, RSS चीफ से की बात, बीजेपी ने पल्ला झाड़ा
नई दिल्ली। वाराणसी में 'हर हर महादेव' की तर्ज पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे नए नारे 'हर हर मोदी' पर नया बवाल खड़ा हो गया है। बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के समर्थन में चल रहे इस नारे पर द्वारिका और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने खासा ऐतराज जताया है। उन्होंने इस परकड़ी आपत्ति जताते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत से बात की है। स्वरूपानंद का कहना है कि यह भगवान का अपमान है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उधर, सूत्रों का कहना है कि संघ प्रमुख ने भी शंकराचार्य की बात से सहमति जताई है और कहा है कि यह नारा उचित नहीं है। आरएसएस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भागवत जल्द ही इस मामले में बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित बीजेपी के नेताओं से बात करेंगे।
भगवान का अपमान है नारा
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि यह नारा हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के लिए लगाया जाता है। किसी व्यक्ति विशेष से नारा जोड़ने पर लोगों की धार्मिक आस्था आहत हो रही है। स्वरूपानंद ने कहा है कि गोलवलकर की किताब विचार नवनीत में व्यक्ति पूजा को आरएसएस के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। अगर आएसएस के कार्यकर्ता भी एक व्यक्ति (नरेंद्र मोदी) की पूजा कर रहे हैं, तो ये खुद संघ के सिद्धांतों के खिलाफ है। स्वरूपानंद का कहना है कि इस तरह के नारे से भगवान का अपमान हो रहा है। बता दें कि शंकराचार्य ने पहले भी मोदी को चिट्ठी लिखकर 'हर हर मोदी' नारे पर नाराजगी जाहिर की थी।
बीजेपी ने किया खंडन
शंकराचार्य की आपत्ति पर बीजेपी ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी है। नारे से पल्ला झाड़ते हुए बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने आज कहा कि यह पार्टी का नारा नहीं है और न ही हम इसे मोदी के प्रचार के लिए उपयोग कर रहे हैं। सीतारमन ने कहा कि मोदी की दावेदारी से वाराणसी उत्साहित है और लोगों ने ही यह नारा दिया है।

