Published On:Thursday, April 17, 2014
Posted by NJFI media
ईव्हीएम मशीन व तकनीकी गडबडी पकडायी, दोष्ी कौन
उज्जैन। म.प्र. विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम मशीन व साफटवेयर में गडबडी का राज एनजेएफआई ने उजागर किया था वही स्थिति लोकसभा चुनाव में हो रही। अभी तक 313 मशीने थोक में खराब निकली। उमरिया में ही 59 मशीने खराब निकली व उनके साफटवेयर में गडबडी पाई गई। गुना संसदीय क्षेत्र कोलारस में तो केन्द्रिय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गडबडी पकडी। वाक व्होटिंग में कांे्रस को डाला गया व्होट भाजपा के के खाते मं गया, भाजपा के पक्ष में व्होटिंग की बत्ती जली। सिंधिया ने चुनाव आयोग को शिकायत की, जयदीप व गोविन्द ने जाॅंच करवाने की बात कही।
सत्ता, अपहरण हेतु अत्यधिक माध्यम बनी ईवीएम मशीन ईवीएम मशीन के साफटेवयर में ठेकेदार व उसके कर्मियों ने गडबडियों की है
हाई प्रोफाइल टेकनिक होने के कारण आम आदमी की पकड से दूर है। कोलारस में जो गडबडी पकडाई उससे गहरा राज उजागर हुआ, सिंधिया को षडयंत्र पूर्वक हराने का। चुनाव आयोग बताये कि ईवीएम मशीन के साफटवेयर का म.प्र. का ठेकेदार कौन सी कम्पनी है वह कम्पनी गुजरात की है या अन्य हैदराबाद कर्नाटक महाराष्ट या म.्रप. की हैं। ईवीएम साफटवेयर में गडबडी का षडयंत्री चेहरा कौन हैं।
एनजेएफआई तो पहले ही षडयंत्र उजागर कर चुकी हैं। चुनाव 2014 पूर्ण रूपेण षडयंत्री कुव्यवस्था वादी परिवेश में हो रहे हैं। चुनाव 2014 को जनता ब अवैध मान रही। मतदान ईवीएम द्वारा नहीं मत पत्रों द्वारा ही होना चाहिए। जनता की मांग।
सिंधिया, छिादवाडा लक्ष्मणसिं, अजयसिं, नटराजन, भूरिया व यादव व अन्य दिग्गज नेताओं के खिलाफ ईवीएम मशीनों के साफटेवयर में छेडछाड ुई मामला गंभीर है चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।


