Published On:Thursday, April 17, 2014
Posted by NJFI media
आदिवासी श्रमिकों की मौतों पर मोदी शिवराज मौन क्यों रहे?
उज्जैन। भीलाचंल के आदिवासी श्रमिक, पंच महल क्षेत्र के पावडर कारखानों में मजदूरी करते ै। उन उद्योगों में आज भी बुनियादी सुविधाएं नहीं है। इस कारण आदिवासी श्रमिक सिली कोग्सि के न्ृात्यदायक गेंग से प्रभावित होतेहैं।लगभग 400 से अधिक श्रमिक प्रभावित हुए। जिनमें से अधिक मर चुके है शेष मरनासन्न की स्थिति में ै। शिवराज जो स्वंय को उद्धारक बताते हैं उनके प्रशासन के पास ऐसे आदिवासी श्रमिको की सूची तक नहीं है और नहीं परिजनों को शिवराज सरकार ने कोई सुविधा आदमखोर मोदीसरकार ने नहीं दी ै। उद्योगपतियों ने पभावित श्रमिकों को दैनिक मजदूर बता कर पल्ला झाडा। भीलांचल में मोदी गपोडी व हवाबाज शिवराज ने आदिवासियों से वेट मांगे किन्तु सिलीकोसिस से प्रभावितों के पक्ष में एक शब्द नहीं कहा। ये सत्तासुन्दरी के दीवाने आदिवासियों की लाशोंपर सत्ता का शाहीभोज व भोग के घिनौने चेहरे है। भीलाचंल का कोई भी आदिवासी महाधूर्त व मक्कारों के षडयंत्र से सावधान ही रहे।


