Published On:Sunday, April 27, 2014
Posted by NJFI media
वाराणसी रैली का व्यय कितने करोड का मोदी सत्य स्वीकारे
उज्जैन। मोदी महाझूठे व गप्पों का पुतला हैं। शाब्दिक लफाजी पूर्वाग्रह, अहंकार षडयंत्र, कुटिल चालेसर्व अपमान धोखाधडी तथा नरसंहारी षडयंत्र उनकी चरित्रिक विशेषता हैं यह आश्चर्य की बातनहीं हैं। प्रत्येक नाजीवादी उपरोक्त चरित्र व गुणों में सिद्ध हस्त होता हैं।
स्व. घोषित प्रधानमंत्री मोदी महा षडयंत्री, गपोडी, झूठेला, अहंकारी एवं शाब्दिक लफाज सिद्ध हो चुका हैं। झूठ तो ईश्वर की इबादत ही मानते है मोदी।
वाराणसी रैली पर कितने करोड व्यय हुए वह धन कहां से आया किसके माध्यम से व्यय हुआ मोदीस्वंय स्वीकारें। नाजीवादी कभी सच नहीं बोलता, मोदी भी सच नहीं स्वीकारेगे। भारत जैसे अनेकताओं में एकता वाले देश का प्रधानमंत्री झूठेला गपोडी षडयंत्री अंहंकारी व शाब्दिक लफाज नहीं हो सकता। यदि बनत भी है तो देश के अस्तित्व संविधान और जन भावनाओं की कू्रर हत्या ही होगी। सत्य स्वीकारने को मोदी अपराध ही मानते हैं।


