Published On:Thursday, April 24, 2014
Posted by NJFI media
मदांध मोदी के मुगालते
उज्जैन। कालेधन कुबेरों पॅंूजीपतिया,ें 20 प्रतिशत सम्पनेों उद्योगपतियां व कारपोरेट जगत के दल्ले मोदी व संघ ने अपहरण के षडयंत्र रचे, स्वंय को प्रधानमंत्री घोषित किया, अटलजी, अडवाणी तथा अन्य भाजपा को मोदी प्रा. लि. बनाया, धार्मिक सामाजिक नेताओं मीडिया को धनबल द्वारा खरीदा। दामादवाद व प्रयोजिताद व बंधुवा मजदूरवाद को मूर्तरूप दिया। मोदी ने स्वंय को स्थापित करने हेतु 10से 15 हजार करोड व्यय किए। मोदी माल कहा से आया, कितना आयकर दिया, मोदी सार्वजनिक नहीं कर रहे। कारपोरेट जगत के हीरे का हारगडकरी के मार्फत दिया था उग्र. पर भी चुप्पी साधे हुए है मोदी ने अपनी जुबान तथा अपने चम्मचों की जुबान से खूब साम्प्रदायिकता का जहर फैलाया। मोदी ने अन्तिम समय में स्वीकारा कांगे्रस व भाजपा में मतभेद नहीं हैं। हमने उसका साथ दिया है व उसमें हमारे छटे चरण के चुनाव के बाद भाजपा में हडकम्प मचा। अब कहा जाने ला भाजपा बडा दल तो होगा, किन्तु मोदी प्रधानमंत्री नहीं होगे। राजनथ का नाम उछाला गया मोदी भी हतप्रभ की अचानक राजनाथ का नाम कैसे उभरा। मोदी पूर्ण बहुमत आने पर ही प्रधानमंत्री बन सकते है। गठबंधन सरकार में नहीं मोदी सिद्ध हस्त प्रतिक्रियावादी शाब्दिक, गपोडी, व झूठ का पुतला हैं।

