Published On:Thursday, April 10, 2014
Posted by NJFI media
चुनावी घोषणा पत्र, जनता के साथ कू्रर मजाक है
उज्जैन। चुनाव 2014 के संदर्भ में सभी दलो के चुनावी घोषणा पत्र जनता के साथ कू्रर मजाक व सुनहरा धोखा ही ै किसी भी दल के चुनाव पत्र आम आदमी सुराज, सुव्यवस्था, गरीबी ,उन्मूलन समाजवादी व्यवस्था के प्रति केन्द्रित नहीं हैं। सभी दलों के चुनावी घोषणा पत्रों में अधो संरचना हैं। सभी दलों के घोषणा पत्र महज शाब्दिक लफाजी ैं। मोदी खान व स्मृति में खोये हुए, पासवान ने तो समूहों तक कह दिया की चुनावी घोषणा पत्र को कोई पढता ही नहीं है। पासवान ने सत्य ी का कि जनता तो शब्दिक लफाजी, झूठा, लोभवादी, धनवादी, व्यवस्थाओं के आधार पर ही मतदान करती है। दल रूपी गिरो सत्ता अपरण के सिद्धहस्तगुण्डे हैं। जनता केो मूर्ख बना ही देते हैं। जनता 60 वर्ष से मूर्ख बनती आ रही ै अभी तक जनता मूर्ख बनती आयई है। अब नहींबनेगी नेताओं का विश्वास जनता को मूर्ख बनाओं और उस पर राज करों।


