Published On:Thursday, April 10, 2014
Posted by NJFI media
बिकाउ, पक्षपाती व नकारात्मक स्वरूप में संवाद पालिका एक दुर्भाग्य
उज्जैन। निष्पक्षता, सेवा, निष्काम कर्म, सेवा लोक उद्धार, नियति श्रृगारक विवेकदीप, प्रज्वलन, जन सामान्य इतिहास सृजन त्याग व बलिदान संवाद पालिका की आत्मा के मूल तत्व हैं। वर्तमान परिवेश में मीडिया की आत्मा से सभ्ीा मूल तत्व नदारद हैं। सभी मूल तत्व नदारद है मीडिया तो पॅंजीपतियों उद्योगपतियों कारपोरेट जगत, माफिया समूहों दलों व नेताओं की रखेल व बंधुवा मजदूर ही नजर आ रा ै सिनेमा, क्रिकेट क्राईम, धन पेड न्यूज के केंसर भी आत्म के मूल तत्व खा चुका है मीडिया कारपोरेट जगत का पुतला ही नजर आ रहा है। मीडिया में धनखोर दलाल, सुरा सुन्दरी के दीवाने, माफिया, समूहों के दलाल घुस आयेे है मौलिक चिंतन व लेखन व संवाद पालिका के सभी तत्व लक्ष्य नदारद है। कारपोरेट जगत उसकी पद्धति व्यवस्था व चरित्र के मान से मीडिया संचालित हो रहा है। धनकुबेरों दलों व नेताओं के जूतों की पालिश अपनी जुबान से करके, उसमें अपनी सूरत देखने की चरित्र संवाद पालिका रख रही है धन विकृति ने उसे जिंदा लाश बना दिया है मीडिया के कलम, कैमरे, चरित्र, लक्ष्य व भावनाएं विकास हो गयी हैं। मीडिया अब चैथा स्तम्भ नहीं कारपोरेट चेहरों द्वारा संचालित दुकान हो गया हैं। मीडिया के वस्त्र उतारना मजबूरी व बेबसी नहीं ैं। मारा अपमान है। हम मिट जायेगे, टूट जायेगे, किन्तु अपना देश धर्म निभायेगे। यही एनजेएफआई का धर्म हैं।


