Published On:Monday, April 7, 2014
Posted by NJFI media
एक भारत श्रेष्ठ भारत की शाब्दिक लफाजी की मोदी ने
उज्जैन। मोदी महा मक्कार, धूर्त, पूर्वाग्रही, शाब्दिक, लफाज, अंहकारी, गपोडी, झूठेला व पूॅंजीपतियों, क बंधुवा व नाजीवादी ताकतों का मुखौटा है। चुनाव घोषणापत्र के बाद कहा एक भारत, श्रेष्ठ भारत मुख्य लक्ष्य हैं। हिंसा, दंे, साम्प्रदायिकता, सर्व अपमान, घिनौनापन पॅंूजीपतियों, उद्योगपतियों, कालेधन, कुबेरों व कारपोरेट जगत की गुलामी उनके एकाधिकार की स्थापन फर्जी एनकाउन्टर तो श्रेष्ठ भारत के अनिवार्य तत्व ही मोदी मानेगे। मोदी की धूर्तता व मक्कारी अब तीसरे जनता को समझ में आ रही है। हिंसा व राम रजित, पॅंूजीपतियों का गुलाम व नाजीवादी के हाथों की कठपुतली एक भारत ही माना जाये। देश के विभाजन की भूमिका बनाने तथा साम्प्रदायिकता की जहर फैलाने वाले मोदी का चाल चरित्र व चहरा जनता पहचान चुकी हैं। अब मदांध मोदी का अंत ही मुख्य लक्ष्य है जनता का।


