Published On:Sunday, May 4, 2014
Posted by NJFI media
मोदी केन्टीन पर भारी अम्मा ढाबा
उज्जैन। सस्ती लोकप्रियता हेतु मोदी ने स्वंय को चाय बेचने वाला जताया। मोदी ने चाय नहीं बेची केन्टीन चलाया। चाय बनाने बेचने व केन्टीन चलाने में फक्र हैं। मोदी केन्टीन ने चाय वह चालू या स्पेशनल महंगे बेची हैं। चाय से अधिक जरूरी भोजन है बिना शोर शराबे, अति शालीनता के साथ जय ललिता, देश की भावि प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। मोदी चाय केन्टीन वाले है तो अम्मा जयललिता ढाबे वाली है तमिलनाडू में अम्मा ढाबों पर मात्र 10 रू में भरपेट भोजन मिलता है अम्मा ढाबे में अण्णपूणा है तो मोदी केन्टीन में कुटिलता व षडयंत्री चाय मिलती हैं। अम्मा ढाबा, मोदी के चाय केन्टीन पर भारी पडा। मोदीनाजीवादी चेहरा तो जयललिता अण्णपूणा स्वरूप में। जनता की चाहत अण्पूर्णा है न की नाजीवादीचेहरा हैं। नाजीवादियों को छोड सभी अण्णपूर्णा के साथ हैं।


