Published On:Friday, June 6, 2014
Posted by NJFI media
उग्रवादियों की शिकार महिला का परिवार सुरक्षित जगह भेजा गया
शिलांग। मेघालय में दुष्कर्म के प्रयास का विरोध करने पर उग्रवादियों के हाथों मारी गई गारो जनजाति की महिला के परिवार को गांव से निकालकर सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया है। प्रतिबंधित संगठन गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (जीएनएलए) के उग्रवादियों ने बीते मंगलवार को राजधानी शिलांग से 450 किमी दूर स्थित राजा रोंगात गांव में 35 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशंस) एचपी राजू ने शुक्रवार को यहां बताया कि जीएनएलए के उग्रवादियों के हमले की आशंका के मद्देनजर महिला की मां, पति व चार बच्चों को गांव से सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक जीएनएलए की ओर से महिला के परिजनों पर संगठन के पक्ष में बयान जारी करने का दबाव बनाया जा रहा था। महिला के पति एबेल संगमा ने गुरुवार को कहा, मेरी पत्नी की हत्या दुष्कर्म का विरोध करने पर नहीं की गई, जैसा पुलिस कह रही है।
एफआइआर में भी उत्पीड़न या दुष्कर्म का कोई जिक्र नहीं है। गारो उग्रवादी उसे ढूंढ़ते हुए हमारी चाय की दुकान पर आए। मेरी पत्नी बच्चों के साथ घर पर थी। मैंने सुना कि वे उससे पुलिस को सूचनाएं देने के बारे में पूछ रहे थे। मेरी पत्नी ने इससे इन्कार किया। जब तक मैं कुछ करता उन्होंने उसे घर से बाहर लाकर गोली से उड़ा दिया और भाग गए।


