कांग्रेस ने की चुनाव आयोग से अमित शाह की शिकायत
कांग्रेस ने शनिवार को चुनाव आयोग (ईसी) से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमित शाह की शिकायत की। साथ ही कांग्रेस ने शाह पर समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने आज चुनाव आयोग से मोदी के करीबी सहयोगी अमित शाह के खिलाफ उनके भड़काऊ भाषणों को लेकर शिकायत की और मांग की कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के दंगा प्रभावित मुजफ्फरनगर में समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने पर अमित शाह को गिरफ्तार किया जाये और उनके चुनाव प्रचार करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाये।
पार्टी ने आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए भाजपा और उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भाजपा, मोदी और अमित शाह घृणा और सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति को दोहराने का प्रयास कर रहे हैं जैसा कि 2002 में गुजरात में हुआ था।
इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रभारी अमित शाह ने कहा था कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आनी निश्चित है और अगर मोदी की सरकार आती है तो यह भी निश्चित है कि उत्तर प्रदेश में सपा सरकार नहीं बच पाएगी।
शाह शुक्रवार शाम को कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। यह बैठक गोपनीय थी। उधर, शाह के बयान पर सपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूपी में पहले चरण का मतदान 10 अप्रैल को होना है और उसका प्रचार अंतिम दौर में है। लिहाजा इस मुद्दे पर भाजपा और सपा की तकरार और बढ़ने के आसार हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार बिजनौर में शाह का आगमन टिकट वितरण को लेकर हुए डैमेज कंट्रोल के प्रयास और मोदी की रैली की तैयारी के तहत भी है। बैठक में उनके अलावा प्रदेश महामंत्री स्वतन्त्र देव, क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह, अशोक कटारिया, डॉ. नवनीत गर्ग आदि भी मौजूद थे।
गौरतलब है कि इसके पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी लखनऊ में हिन्दुस्तान से खास बातचीत में कहा था कि केन्द्र में भाजपा की सरकार बनी तो यूपी की अखिलेश यादव सरकार समेत कुछ अन्य राज्य सरकारें गिर जाएंगी। अब अमित शाह ने भी कार्यकर्ताओं की बैठक में यही कहा है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि इसके जरिए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के साथ ही अपने वोटरों को भी संदेश देना चाहती है कि वे खुलकर वोट करें।
वहीं, शाह के बयान पर समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शुक्रवार रात जारी बयान में उन्होंने कहा कि भारत के संघीय ढांचे को खत्म करने का इरादा रखने वाले फासिस्ट मनोवृत्ति के लोग चुनाव बाद यूपी सरकार को भंग करने की धमकी दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सपा की बढ़ती लोकप्रियता से अमित शाह और भाजपा बौखला गए हैं। ये कभी भी इस स्थिति में नहीं पहुंच सकते कि सपा सरकार को भंग कर सकें। रामगोपाल ने कहा कि शाह की धमकी घोर निन्दनीय है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे भाजपा को चुनाव में करारी शिकस्त देकर उसके नेताओं के नापाक इरादों को नाकाम कर लोकतंत्र की रक्षा करें।



