चीनी अधिकारियों ने भारतीय खिलाड़ियों को विमान में चढ़ने से रोका
नई दिल्ली।। अरुणाचल प्रदेश की दो तीरंदाजों को चीन का स्टेपल वीजा दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मिहु मासेलो (14) और युमी सोरांग (14) नाम की दो भारतीय तीरंदाजों को चाइना सदर्न एयरलाइंस के अधिकारियों ने गुरुवार रात इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर ग्वांग्झू जाने वाले विमान में यह कह कर नहीं चढ़ने दिया कि उनके पास चीन के लिए सही वीजा नहीं है। भारतीय तीरंदाजी संघ के अधिकारियों ने चीन के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। संघ ने इस मामले में भारत सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
युमी ने कहा, 'हम नहीं जानते थे कि हमें स्टेपल वीजा दिया गया है। जब हम बोर्डिंग पास लेने के लिए गए तब हमें पता चला कि हमें स्टेपल वीजा दिया गया है। उन्होंने हमें विमान में नहीं चढ़ने दिया।' वहीं, मिहु ने कहा, 'हमने नहीं सोचा था कि हमारे साथ ऐसा होगा। हमने चैंपियनशिप के लिए तैयारी की थी लेकिन जब एयरपोर्ट पहुंचे तो हमें बताया कि गया हमारे वीजा स्वीकार नहीं किए जाएंगे। बाकी सभी तीरंदाजों को जाने दिया गया लेकिन हमें चीन जाने की अनुमति नहीं दी गई।' इस घटना से दोनों तीरंदाज निराश हैं।
तीरंदाजी संघ के प्रेजिडेंट विजय कुमार मल्होत्रा ने विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को इस मामले में कड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि भारत को चीन के इस धोखे का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के दो तीरंदाजों को स्टेपल वीजा देना भारत की संप्रभुता और अखंडता का अपमान है।मल्होत्रा ने कहा, 'चीन हमेशा से इस तरह की हरकतें करता आ रहा है। चीन ने भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को चुनौती दी है। कई बार चीनी दूतावास ने जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के भारतीय नागरिकों को स्टेपल वीजा दिया लेकिन हमारी सरकार की प्रतिक्रिया हमेशा सुस्त रही। प्रधानमंत्री की पेइचिंग यात्रा से पहले चीन भारत सरकार को क्या संदेश देना चाहता है।' मल्होत्रा ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि वह चीन यह पूछे कि दो तीरंदाजों को चीन की यात्रा करने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। हालांकि चौबीस सदस्यीय तीरंदाजी टीम के बाकी सदस्य 13 से 21 अक्टूबर के बीच पूर्वी चीन के जियांग्सू प्रांत के वुक्सी में होने वाली वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए रवाना हो गए।
अरुणाचल के CM ने निंदा की
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री नबाम टुकी ने महिला तीरंदाजों को चीन का स्टेपल वीजा देने की निंदा की। टुकी ने कहा, 'हम भारत का हिस्सा हैं। हम भारतीय हैं। हमें यात्रा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। यह खासकर राज्य के युवाओं और सारे देश के लिए दुखद दिन है। प्रतिभा होने के बावजूद स्टेपल वीजा मिलने के कारण तीरंदाजों अपना कौशल दिखाने से वंचित कर दिया गया।'
तीरंदाजी संघ के डेप्युटी प्रेजिडेंट और सांसद किरेन रीजिजु ने नाराजगी जताई कि भारत सरकार यह मसला नहीं सुलझा रही है। उन्होंने कहा, 'मेरी पीड़ा यह है कि हर बार अरुणाचल के भारतीय नगरिकों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है। हम भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और चीनी दूतावास बार-बार विवादास्पद क्षेत्र के तौर पर हमारे साथ भेदभाव कर रहा है। मैं हैरान हूं कि आखिर भारत सरकार बार बार ऐसा क्यों होने दे रही है।' राजिजु ने स्टेपल वीजा देने के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।
राजिजु ने कहा, 'स्टेपल वीजा हमारा एक और अपमान है। मेरा भारतीय तीरंदाजी महासंघ में डेप्युटी प्रेजिडेंट बने रहने का कोई मतलब नहीं है। मैं अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से लौटने के बाद अपना इस्तीफा भेज दूंगा।'

