Published On:Wednesday, October 9, 2013
Posted by NJFI media
कार ग्राहकों को रिझाने में जुटे सरकारी बैंक
रणनीति - पीएनबी, ओबीसी के ऑटो व कंज्यूमर गुड्स लोन 2.5% तक सस्ते
किसके क्या कदम
पंजाब एंड सिंध बैंक
त्योहारी सीजन में लोन लेने वालों से कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी
लोन लेने वालों को कार की कीमत की शत-प्रतिशत राशि फाइनेंस की जाएगी
ओरियंटल बैंक व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
ये बैंक उन सभी व्यक्तियों को कार लोन देने को तैयार हंै जिनकी मासिक आमदनी है 15,000 रुपये
पंजाब नेशनल बैंक
कार लोन के आवेदकों के लिए मासिक आमदनी की न्यूनतम सीमा 20,000 रुपये तय कर रखी है इस बैंक ने
त्योहारी सीजन पर बैंकों ने जमाईं अपनी निगाहें
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने कार लोन के लिए वार्षिक आमदनी की सीमा क्या बढ़ाई, अन्य सरकारी बैंकों ने भी इसे एक अवसर मानते हुए इस त्योहारी सीजन में अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की योजना बना ली है। कई बैंकों ने तो ग्राहकों के लिए कुछ सहूलियतों की भी घोषणा कर दी है। इस बीच, पीएनबी और ओबीसी ने ऑटो व कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स लोन २.५' तक सस्ते कर दिए हैं।
किसके क्या कदम
पंजाब एंड सिंध बैंक
त्योहारी सीजन में लोन लेने वालों से कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी
लोन लेने वालों को कार की कीमत की शत-प्रतिशत राशि फाइनेंस की जाएगी
ओरियंटल बैंक व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
ये बैंक उन सभी व्यक्तियों को कार लोन देने को तैयार हंै जिनकी मासिक आमदनी है 15,000 रुपये
पंजाब नेशनल बैंक
कार लोन के आवेदकों के लिए मासिक आमदनी की न्यूनतम सीमा 20,000 रुपये तय कर रखी है इस बैंक ने
त्योहारी सीजन पर बैंकों ने जमाईं अपनी निगाहें
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने कार लोन के लिए वार्षिक आमदनी की सीमा क्या बढ़ाई, अन्य सरकारी बैंकों ने भी इसे एक अवसर मानते हुए इस त्योहारी सीजन में अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की योजना बना ली है। कई बैंकों ने तो ग्राहकों के लिए कुछ सहूलियतों की भी घोषणा कर दी है। इस बीच, पीएनबी और ओबीसी ने ऑटो व कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स लोन २.५' तक सस्ते कर दिए हैं।
एसबीआई ने जुलाई के अंतिम हफ्ते के दौरान कार लोन के लिए नियमों में तब्दीली की थी। इस बैंक से पहले उन व्यक्तियों को भी लोन मिल जाता था जिनकी वार्षिक आमदनी ढाई लाख रुपये सालाना थी लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दिया गया है। इस वजह से ढेर सारे ग्राहक एसबीआई से बिदक गए। हालांकि, इसके बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए वार्षिक आमदनी की सीमा छह लाख से घटाकर चार लाख रुपये कर दी गई।
पंजाब एंड सिंध बैंक में रिटेल लेंडिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि त्योहारी सीजन में अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित करने के लिए बैंक ने दो सहूलियतों की घोषणा की है। पहला यह कि इस दौरान लोन लेने वालों से प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी और दूसरी सहूलियत यह कि लोन लेने वालों को कार की कीमत की शत-प्रतिशत राशि फाइनेंस की जाएगी।
अन्य बैंक तो कुछ मार्जिन भी रखते हैं। वार्षिक आमदनी के सवाल पर उन्होंने बताया कि कोई निश्चित राशि तय नहीं की गई है। यह जरूर देखा जाएगा कि लोन लेने वाले की जितनी मासिक आमदनी है, उसके 60 फीसदी से ज्यादा राशि की ईएमआई नहीं हो।
ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एक अधिकारी के मुताबिक वह तो उन सभी व्यक्तियों को कार लोन देने को तैयार हैं जिनकी मासिक आमदनी 15,000 रुपये है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने भी यही बात दोहराई।
उनका कहना है कि सिबिल से रिपोर्ट मंगाने पर सारी जानकारी मिल जाती है कि किस व्यक्ति का कहां-कहां कौन सा लोन चल रहा है, कहां डिफॉल्टर है।
उनका कहना है कि सिबिल से रिपोर्ट मंगाने पर सारी जानकारी मिल जाती है कि किस व्यक्ति का कहां-कहां कौन सा लोन चल रहा है, कहां डिफॉल्टर है।
ऐसे में चार लाख या छह लाख रुपये की सालाना आमदनी का चक्कर जरूरी नहीं है। विजया बैंक के दिल्ली क्षेत्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके यहां कार लोन लेने वालों के लिए आमदनी की कोई न्यूनतम सीमा तय नहीं है। बैंक के प्रबंधकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे ग्राहकों की कर्ज अदायगी क्षमता देख कर लोन मंजूर कर दें।
पंजाब नेशनल बैंक ने इस मामले में आवेदक की मासिक आमदनी की न्यूनतम सीमा 20,000 रुपये तय कर रखी है। इसके अधिकारी ने भी बताया कि स्टेट बैंक द्वारा वार्षिक आमदनी की न्यूनतम सीमा छह लाख रुपये तय करने को वह एक अवसर के रूप में देख रहे हैं।

