Published On:Monday, October 14, 2013
Posted by NJFI media
रहस्य: यहां से उड़ता था रावण का विमान, सोने की लंका में थे छह एयरपोर्ट!
विजय दशमी का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रामायणकाल में भगवान राम ने लंकानरेश रावण का वध किया था। इस काल में कई विशेष अस्त्र-शस्त्रों का इस्तेमाल आज भी आधुनिक काल में किया जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो युद्ध में शामिल ब्रह्मास्त्र तीन का इस्तेमाल आधुनिक काल में परमाणु बम के रूप में किया जाता है। इसी तरह रावण द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले पुष्पक विमान का वैज्ञानिक पद्धति आज के एयरोप्लेन में इस्तेमाल की जाती है। रावण उस दौरान भी विमान उड़ाने के लिए रनवे का इस्तेमाल करता था। यहीं नहीं, उस समय लंका (आज श्रीलंका) में उसके छह एयरपोर्ट हुआ करते थे।
विमान दो शब्दों से मिल कर बना है। वि शब्द का अर्थ स्काय यानी आकाश से है। वहीं, मान शब्द का मतलब मेजर नापतौल से है। इसका अर्थ है कि आकाश को नापने वाला। इस विमान पर कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि रामायणकाल में भी विज्ञान आज के विज्ञान से आगे था। इंटरनेट पर विमान शास्त्र और इस काल के कई अस्त्रों-शस्त्रों की जानकारियां और उससे जुड़े कई तथ्य साझे किए गए हैं।

