Published On:Wednesday, October 23, 2013
Posted by NJFI media
शिवराज में घबराहट क्यों?
भोपाल। मिशन 2013 में सफलता हेतु शिवराज ने प्रदेश खजाने को चूना लगाया और करोडों का अनुत्पादक व्यय स्वंय को स्थापित करने हेतु। शिवराज ने प्रदेश को कर्ज के बोझ से लादा। 15 दिन पूर्व प्रतिभूतियाॅं रख कर 500 करोड का कर्ज आरबीआई से लिया था। 5 दिन पूर्व ही 1 हजार करोड का कर्ज लिया। जब सरकार आर्थिक रूप से मजबूत है तो कर्ज की क्या जरूरत है। केन्द्र से भी भरपुर विकास राशि मिल रही है। शिराज अनुत्पादक व्यय के महानायक है। कर्ज करो और खूब लुटाओं। अब शिवराज घबराहट में नजर आ रहे है उसका अनेक व्यक्तिगत व सार्वजनिक कारण है। शिवराज ने अपनी प्रसिद्ध हेतु सभी को झूठे आश्वासन दिए, वे पूरे नहीं हुए तो उन्हेी के चम्मचों ने व्यक्तिगत राजों को भी सार्वजनिक करना शुरू कर दिया और वे जनचर्चा बन रहे है। दतिया के रतनगढ में नरभक्षी हादसा होना भाजपा कार्यकर्ताओं में महत्वकाक्षी होना व अयोग्य विधायक, जनता के हित में कल्याणी कदम न उठाना थोथी घोषणाएॅं करने से जनता नाराज है। कांगे्रस में सिंधिया को नेतृत्व देने से भी शिवराज में घबराहत है भाजपाई भी मानते है सिंधिया की छवि बेदागी एवं विकासवादी है। नौकरशाह भी भाजपा की मुंडागर्दी व उन्माद से मुक्ति चाहते है। किसान मजदूर प्रजा पार्टी के भी शिवराज की असलियत जान चुके है। इस स्थिति के दोषी स्वंय शिवराज है। आगामी 4 से 5 दिनों में तो और स्थिति बदतर होगी। भाजपा कार्यकर्ता अपने को ठगा महसूस कर रहे है। सभी भाजपा अपने आप में महत्वकाक्षी तत्वों धनखोरों की भीड हो गई है। 51 विधायकों के टिकिट काट रहे है और महा संकट को आमंत्रित कर रहे हैं। अधिकाश विधायकों की माॅंग है कि हमारे टिकिट काट रहे हो और दागियों को अवसर दे रहे हो इन्ही दागियों ने तो भाजपा के कुख्यात किया है और सजा हमें दे रहे हो ऐसा अन्याय शिवराज क्यों कर रहे हो हमारी मांग है कि शिवरथ पहिये के सारे बेरिग ही बदल डालो। सभी मंत्रीयों के टिकिट भी काटों। - S

