Published On:Saturday, December 28, 2013
Posted by NJFI media
शिवराज बौद्धिक रूप से भ्रमित है
उज्जैन। सर्वप्रकार की शिक्षा व उपचार व्यवस्था निःशुल्क घरेलू रोकना, सभी को सहयोग तथा अधो सरंचना आधारित सकारात्मक, विकास सभी सरकारों के अनिवार्य कर्तव्य है। कोई भी सरकार अपने कर्तव्यों का निर्वाहन नहीं कर रही बल्कि शिक्षा, उपचार, पावर माफियाओं को खुले आम संरक्षण दे रही है। म.प्र. सरकार तो सभी माफियाओं की बंधुवा 13 पैसे यूनिट महंगी हुई, महंगाई कम करने की बजाय उर्जा ईधन पर म.प्र. सरकार 25 प्रतिशत का वेटकर वसूल रही, वीोओटी योजना में सडके बन रही और मनमाना टोलटेक्स रूपी जजिया लगाया जा रहा। शिक्षा के नाम पर अनिल अंबानी को 125 एकड जमीन दे दी गई। म.प्र. को कारपोरेट म.प्र. बनाया जा रहा, बिजली व्यवस्था निजी हाथों में दी जा रही। यह सब म.प्र. में हो ही रहा है। घोषणावीर, अराजकतावादी महाभ्रष्टों घोटालों एवं घिनौनी इन्र्वेस्टर्स मीट भी कर रहे है और उन्हें हर प्रकार की सुविधाए देगे जैसे अंबानी को दी। शिवराज शिक्षा को निःशुल्क करने की बजाय और बढा रहे है। शिवराज शवदाह इन्वेस्टर्स मीट भी तुरंत आयोजित करे ताकि शवदाह व्यवस्था भी पॅंूजीमाफियाओं की हिरासत में आ जाए। बौद्धिक रूप से भ्रमित शिवराज को जनता का एक सुझाव ही दे। वे ही म.प्र. में चुनाव करवा लेगे, भाजपा की चैथीबार सरकार भी बना लेगे। म.प्र. का नाम कारपोरेट म.प्र. भी रखने की प्रकिया तुरंत मूर्तरूप दे शिवराज।
घोषणावीर अराजकतासिंह, भ्रष्टां पॅंूजीपतियों व माफिया समूहो के सरंक्षक शिवराज महानाटक नौटंकी बाज तो है ही वे म.प्र. को कर्ज के मुहॅं में डल चुके हैं।


