Published On:Wednesday, December 4, 2013
Posted by NJFI media
मतदाता पहचान पत्र होने के बाद भी नहीं डाल पाए वोट
नई दिल्ली [जागरण संवाददाता]। राजधानी में बुधवार को हुए विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र के पर्व में बहुत से लोग मतदाता पहचान पत्र होते हुए भी अपना मत का प्रयोग नहीं कर पाए।
दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में वोटर होने के बाद भी लोग अपने मत का प्रयोग विभिन्न कारणों से नहीं कर पाए।
राष्ट्रीय जनता दल युवा मोर्चा के प्रदेश महासचिव मयंक सिंहा ने बताया कि मोती नगर विधान सभा में पहचान पत्र होने के बाद भी वोट नहीं डालने दिया गया क्योंकि यहां की वोटर लिस्ट में मेरा नाम नहीं था। ओखला विधानसभा क्षेत्र से भी इसी तरह की सूचना मिली। सरिता विहार में रहने वाले डा. वीके सिंघल ने बताया कि उनका वोटर आइडी कार्ड क्रमांक 189 है और उनकी पत्नी डा.सुधा जुल्का का 188 लेकिन मेरा नाम वोटर लिस्ट में है लेकिन पत्नी का नाम नहीं है। इस संबंध में हमने संबंधित अधिकारी से भी कहा लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हुआ। इस समय चुनाव आयोग द्वारा दिए गए हेल्पलाइन नम्बर भी नहीं मिले जिससे मेरी पत्नी बिना वोट डाले ही आई। एक वोट भी लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन जिसके कारण वोट नहीं पड़ा उसके लिए कौन दोषी है?
बदरपुर विधान सभा क्षेत्र में मीठापुर के राजेश के पास वोटर आइडी कार्ड और लिस्ट में नाम भी था लेकिन जब वह मतदान करने गई तो वहां की लिस्ट में उसका नाम न होने से वह वोट नहीं डाल पाई।
लक्ष्मी नगर के ऊषा का कहना है कि पहली बार मतदान करने जा रही बेटी का नाम तो मतदाता सूची में है लेकिन बाकी घर के चार लोगों का नाम मतदाता सूची से गायब है।
पटपड़गंज विधानसभा के कल्याण वास कॉलोनी में लगभग पचास घरों के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। कालोनी के सुभाष चंद्र ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में लोग वोट देने से वंचित रह गए।
यमुना विहार की दीपाली सक्सेना, मेघना सक्सेना का कहना है कि नगर निगम में वोट देने के बाद भी विधान सभा की लिस्ट में मेरा नाम नहीं था। कृष्णा नगर विधान सभा में मंजरी ने भी लिस्ट में नाम न होने के कारण वोट नहीं दे पाई। पश्चिमी दिल्ली में मधुविहार, विकासपुरी, मोती नगर सहित कई इलाकों में इस तरह की शिकायतें मिली।


