Published On:Wednesday, December 4, 2013
Posted by NJFI media
पहले मोदी अपने अपराध स्वीकारे
उज्जैन। 62 वर्षीय नरेन्द्र मोदीअपने आप को सर्वश्रेष्ठ बुद्धिमान, महा देशभक्त, महाउद्धारक, महा विकास पुरूष, महा चिंतक,
विचारक व निर्णयवादी तथा देश व हिन्दुत्व के मसीहा जताते है। अहंकार, पूर्वाग्रह झूठ, सर्वअपमान, आरोप लगाने का चरित्र, झूठ,
बेबुनियादी बाते, कर्तक, विर्तक, हिसंक, दोहरा दोगला फेकू, जम्बूरावादी चरित्र रखते है सत्य की हत्या उनकी नीति नियत, चरित्र
व लक्ष्य है। वे स्वंय को महाविचारक व देशपुरूष के रूप में स्वय को थोपने हेतु बहुआयामी शातिर शंडयंत्र रचते है। मादी यर्था में
नाजीवादी, व प्रक्रियावादी एवं शातिर षडयंत्री हिंसावादी है। सभी के साथ विश्वासघात करना और गलत धारणाओं में जीवनयात्रा
पूर्ण करना उनका लक्ष्य है। मोदी स्वय को देश का महान नेता जताते है और जिन्होेन आजादी व देश के लिए सर्वस्व बलिदान
दिया, उन्हे बदनाम करते है गाॅंधी के हत्यारो की पैरवी करते है, सरदार पटेल की राजनीति करण है। स्वामी विवेकानंद के निर्णयों
की हत्या करते हैं। मीडिया को खरीदते है। महाझूठ व कृतिमता को अपना आधार बनाकर फेकू ने एक बनते है।
मोदी बताये आजादी आंदोलन में उनका या परिवार का क्या योगदान था। गुजरात गुजरात वासियों की मेहनत का परिणाम है
क्या है उसका दायराक्या है सनातन धर्म सब है मंदिर मुस्झिलम की हत्याओं के षडयंत्रों का सरंक्षक व नायक कौन है। चीन के
उद्य़ोगपतियों को गुुजरात में क्यों बुलाया। कितना भ्रष्टाचार हुआ 10 हजार करोड की व्यय योजना में आपके पास धन कहा से
आया। अब मुखौटे व नकाब नहीं चलेगे।


