Published On:Thursday, December 19, 2013
Posted by NJFI media
खतरे की राह पर बढ़ रही है ‘आप’, जानिए कैसे?
आम आदमी पार्टी रविवार तक जनता के बीच जाकर उससे पूछेगी कि पार्टी को दिल्ली में सरकार बनानी चाहिए या नहीं। इसके बाद सोमवार को पता लगेगा कि पार्टी सरकार बनाने के लिए तैयार है या नहीं। भारत में यह जनमत संग्रह अभूतपूर्व घटना है। यूनानी नगर राज्यों के प्रत्यक्ष लोकतंत्र की तरह।
‘आप’ की पेचदार निर्णय प्रक्रिया जनता को पसंद आएगी या नहीं, लेकिन पार्टी जोखिम की राह पर बढ़ रही है। पार्टी को दुबारा चुनाव में ही जाना था, तो इस सब की ज़रूरत नहीं थी। इस प्रक्रिया का हर नतीजा जोखिम भरा है। पार्टी का कहना है कि हमने किसी से समर्थन नहीं माँगा था, पर उसने सरकार बनाने के लिए ही तो चुनाव लड़ा था।
‘आप’ की पेचदार निर्णय प्रक्रिया जनता को पसंद आएगी या नहीं, लेकिन पार्टी जोखिम की राह पर बढ़ रही है। पार्टी को दुबारा चुनाव में ही जाना था, तो इस सब की ज़रूरत नहीं थी। इस प्रक्रिया का हर नतीजा जोखिम भरा है। पार्टी का कहना है कि हमने किसी से समर्थन नहीं माँगा था, पर उसने सरकार बनाने के लिए ही तो चुनाव लड़ा था।


