Published On:Saturday, January 11, 2014
Posted by NJFI media
70 अरब की अनुपूरक मांगे स्वीकृत क्यों?
उज्जैन। 2013 के विदाहित चुनाव में षडयंत्री जीत के षडयंत्री जीत के उन्माद में भाजपा की डकैत, लूटेरी व जनविरोधी सरकार जनता को मूर्ख ही मान रही है। केबिनेट में पहले 2 हजार करोड की मांग स्वीकृत की, बाद में उसे 4 हजार करोड की कर दी। विधानसभा में 7 हजार करोड की मांग स्वीकृत करवा ली। ये माजराक्या है शिवराज। 70 अरब में से कितने अरबां का भ्रष्टाचार होगा। इसका उल्लेख विधानसभा में करना ही भूल गए म.प्र. सरकार डकैत व लूटेरी सरकार है। वह जनता को शातिर ढंग से लूट रही हैं उर्जा ईधन 25 प्रतिशत का वेट कर लगाकर, पेटोल, डीजल व घासलेट का उपयोग करने वाले सडको, झोपडी कच्चे पक्के मकान वालों को लूट रही हैं फिर भी जनता शिवराज को मसीहा मान रही है। अच्छी सडके सरकार का दायित्व है। किन्तु बीओटी में टू लेन फोरलेन व 6 लेन बनवा कर जनता पर भारी भरकम अव्यवहारिक टोल टक्स थोप रही है इन मार्गो का निजीकरण करवा रही है। टोल अव्यवहारिक टोल टेक्स शिवराज सरकार की शातिर ठगी है। पावर माफियाओं से शिवराज सरकार की साठगांठ है सभी कोउपकृत किया है और मनमाने सुप्रीम कोर्ट ने जनता को दिया पावनता स्थापित करने का अधिकार
उज्जैन। सुप्रीम कोर्ट ने स्वविवेकाधिकार का उपयोग करते हुए, निर्णय दिया की अब कोई भी किसी भी प्रकार के अपराध का साक्ष्य प्रस्तुत न्यायालय में प्रस्तुत करता है तो न्यायालय उस अपराधी मान कर सजा देगा। इस व्यवस्था में स्पष्ट है की यदि सरकार व पुलिस ने उस व्यक्ति को चाहे अपराधी न बनाया हो या कार्यवाही न भी की हो किन्तु न्यायालय उसे अपराधी मान कर सजा देगा। इस व्यवस्था से व्यक्ति या अपराधी चाहे जितना खुखार हो न्यायालय द्वारा दण्डित होगा। यह न्यायालय क स्वविवेकाधिकार का मामला है। अब देश में न्याय व्यवस्था की हत्या संभव ही नहीं है। एनजेएफआई ने न्यायालय व न्यायधीशों को स्व. विवेकाधिकार का उपयोग कर न्याय प्रदान करने का अनुरोध किया था न्यायालय ने स्वविवेकाधिकार भावना को मूर्तरूप दिया वही आत आदमी को न्यायपाने, सामाजिक न्यास प्राप्ति व अपराध समाप्त करने का अधिकार व कर्तव्य भी दिया है। अब सरकारे एवं पुलिस भी अपराधियों की मदद व रक्षा नहीं कर सकेगी। देश का प्रत्येक व्यक्ति सत्य,ईमान एवं सेवाधारक बने, सभी समस्याओं का समाधान होगा। सुप्रीम कोर्ट ने जनजन का विवेकदीप प्रज्वलित कर दिया हैं। अब कोई यह न कहे की हम तिमिर में जी रह हैं।ढंग से बिजली के दाम तय किए है। खनिज माफियाओं के हाथों में शिवराज का रिमोट है। सीमेन्ट उद्योग पतियों से भी शिवराज सरकार की साठगांठ है खूब धन लिया है। व सस्ते दर पर भूमिया लीज पर दी है अवैध रूप से उद्योग स्थापित करवाये जेपी सीमेंट स्वंय सिद्ध लक्ष्य है। व्यापम घोटाले में शिवराज के मंत्री व चेहरे है न तो सीबीआय जाॅंच करवा रहे और न ही विधानसभा मं चर्चा करवा रहे है। विपक्षी भी असहाय व शिवराज के राजनैतिक मीडिया मैनेजमेंट में है।


