Published On:Friday, January 17, 2014
Posted by NJFI media
सभी दल चुनावी घोषणा पत्रों में लोभतंत्र रूपी अपराध त्यागे
उज्जैन। सत्ता सुन्दरी के अंग का रसा स्वादन करने स्वंय की तिजोरियों में धन का आयतन बढाने हेतु जनता को भिखारी मानकर, लोभों की घोषणा चुनावी घोषणा पत्रों में करते है और जनता को निकम्मी कामचोर श्रमचार बनाते ह। सरकारे अपने कर्तव्यों का निर्वाहन व सुव्यवस्थाओं की स्थापना नहीं करती व जनकोष में से लोभरूपी भीख देकर स्वंय को दानवरी कर्ण और लोभ कल्याणी जजाती है। जनकोष देश की अमानत है किसी दल जनता को लोभ लालच दे, सुविधाओं की घोषणा करे अपने चुनावी घोषणा पत्र में उस दल का देश व समाजद्रोही माना जाये और उसका राजनैतिक पंजीयन निरस्त किया जाये। केन्द्र व प्रदेश सरकार अरबों के अनुत्पादक व्यय की अपराधी है। हर हाथ काम करे, उसकी शिक्षा, उपचार व्यवस्था, परिवार कल्याण का कर्तव्य सरकार निर्वाहन करे। जनता भिखारी नहीं मुल्क की मालिक हैं। सभी दल सावधान रहे न्यापालिका राजनीति के पण्डों और गुण्डों के कुचरित्र पर लगाम कसे।


