Published On:Sunday, February 2, 2014
Posted by NJFI media
अज्ञानी मोदी का सफेद झूठ
उज्जैन। अपने आपको प्रधानमंत्री मान रहे मोदी को देश के इतिहास का संज्ञान भी नहीं है। अतिवादियों की पूर्वाग्रही को श्रुति बातों को सार्वजनिक कर मोदी शर्मसार स्थिति में आते है। जूनागढ व सोमनाथ मंदिर पर जो बयान दिया, वह उनकी अज्ञानता का स्वंय सिद्ध प्रमाण है। आजादी के बाद तीन रियासतों विलय हेतु तैयार नहीं थी। कश्मीर, हैदराबाद व जूनागढ। नेहरू पटेल ने गहन विचार किया की ऐसे कदम उठाया की देश की भावनात्मक एकता को आघात न हो। पं. नेहरू कश्मीरी थे, अत‘ सरकार पटेल को कश्मीर व हैदराबाद का दायित्व दिया और पटेल ने नेहरू को गुजरात के जूनागढ का दायित्व दिया। नेता ने अपनी सयुक्त सूझबूझ से तीनों राज्यों को भारत में मिलाया। यह है ऐतिहासिक सच्चा, किन्तु मोदी कांगे्रस को बदनाम करने सरदार पटेल को राजनैतिक मोहरा बना कर इतिहास को प्रदूषित कर रहे है। मोदी को पूर्वाग्रही सलाह संघ द्वारा दी जाती हैं। संघ ने भी 1901 व 1902 में मुस्लिम लीग की स्थापना करवा कर विभाजन का जहर घाला था जूनागढ के नबाब से विलय करवाया था व सरदार पटेल ने कश्मीर व हैदराबाद को। पं. नेहरू व सरकार पटेल एक थे किन्तु संघ व मोदी नेहरू व सरदार पटेल, महात्मा गांधी के प्रति शुरू से ही घिनौनी मानसिकता रखते आये है मोदी उन्ही के स्वर अपनी जुबान से निकालते हैं। सामेनाथ का सच एनजेएफआई प्रस्तुत कर रहा है। मोदी की अज्ञानता भी अपने आप में सिद्ध हो रही हैं।


