Published On:Tuesday, February 18, 2014
Posted by NJFI media
प्रदूषण के खिलाफ घृतराष्ट म.प्र. की शिवराज सरकार
उज्जैन। महाभ्रष्टाचार घोटालों, माफिया समूहों के पोषक शिवराज स्वंय को म.प्र. का भाग्य विधाता विज्ञापनों द्वारा जता रहेते है, भारी भरक्रम अनुत्पादक व्यय कर प्रदेश को कर्ज क अंधकूप में डाल रहे है। प्रशासकीय व समीक्षा शक्ति उनमें नहीं है। सोश्यल इंजीनियरिंग मीडिया व राजनैतिक मैनेजमेंट लोभवाद व बहुमत के अहंकार से त्रस्त शिवराज नर्मदा को भ्ूाना रह है। होशंगाबाद व समूची नर्मदाघाती में नर्मदा प्रदूषण नजर आ रहा है। देवास की 350 उद्यागों का जलवायु प्रदूषण नजर नहीं आ रहा नागदा जक्शन की हवाओं को जहरीली व दुर्गधी होने का अहसात उन्ही नहीं। पीथपुर, सिगरोली इंदौर के उद्य़ोग द्वारा नदियों का प्रदूषण, शिवनी शिप्रा, पावर्ती, चम्बल बेतवा व अन्य नदियों का प्रदूषण वातावरण भी नजर नहीं आ रहा। प्रदूषण बोर्ड नाम मात्र व दिखावे की संस्था है। आज तक एक भी प्रदूषण कर्ता जेल में नहीं गया, जबकी जलवायु व ध्वनि प्रदूषण दण्डनीय अपराध है। शिवराज सच का सामना करने की बजाय, पलायनवादी हो जाते रहे
सभी प्रदूषण कर्ताओं को जेल में डालने की हिम्मत शिवराज व म.प्र. सरकार में नहीं है। सौजन्यवाद की जंजीरों से जकड हुए हैं।


