Published On:Tuesday, February 18, 2014
Posted by NJFI media
राजीव गांधी के हत्यारों को फांसी की सजा उम्र कैद में बदली
उज्जैन। राजीव गांधी के हत्यारों की फांसी की सजा, उम्रकैद में बदली सुप्रीम कोर्ट ने। यदि न्यायिक प्रक्रिया व निर्णय करने में अति विलम्ब हुआ तो अपने कू्रर अपराधों की कू्रर सजा से हर अपराधी बचता ही रहेगा। अतिकू्रर अपराधियों को तुरंत सजा मिलना चाहिए, नियमित सुनवायी द्वारा मृत्युदण्ड की दया याचिकाओं पर भी एक माह में त्वरित निर्णय करना ही चाहिए। दया याचिकाओं पर निर्णय विलम्ब का लाभ अपराधियों को मिलता है। विलम्ब के दौरान अनेक प्रकार के शातिर षडयंत्र भी रचे जाते हैं।
राजीव गांधी के हत्यारों को फांसी की बजाय कैद की सजा में बदलने पर सोनिया गांधी व राहुल के विचार जानना भी जरूरी है। उनका परिवार प्रभावित हुआ है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हत्या के अपराधियों को फांसी की बजाय ता उम्र कैद की सजा उन्हें मान्य हैं सोनिया गांधी शहीद की पत्नि है, देशमात के रूप में जानी जाती है। मातृशक्ति होने के कारण, दया व करूणाभाव, स्वाभाविक होता हैं सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर यदि वे सन्तोष जताती है, तो देश में ममता, दया करूणा और महात्याग की महामूर्ति हो जायेगी। हत्यारों के परिजनों ने सोनिया गांधी से दया की याचना की थी।


