Published On:Thursday, February 20, 2014
Posted by NJFI media
संघ की सक्रियता से देश को मिलेगा मजबूत नेतृत्व: भागवत
भोपाल. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के पदाधिकारियों से कहा है कि वे लोकसभा चुनाव में हर बूथ पर कम से कम एक स्वयंसेवक तैनात करें। संघ के स्वयंसेवक यदि चुनाव में सक्रिय रहेंगे तो देश को एक मजबूत नेतृत्व मिलेगा। भागवत ने संघ पदाधिकारियों को भाजपा में पद पाने की होड़ से भी बचने को कहा।
चार दिन के भोपाल प्रवास पर आए भागवत एलएनसीटी परिसर में संघ परिवार के संगठनों की समन्वय बैठक को संबोधित कर रहे थे। संघ प्रमुख के साथ दिन भर चली बैठक तीन सत्रों में हुई। पहले सत्र में संघ के अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों से भागवत ने चर्चा की। दूसरे सत्र में आरएसएस पदाधिकारियों से उन्होंने चर्चा की। तीसरे सत्र में अनुषांगिक संगठनों और संघ के पदाधिकारी एक साथ बैठे थे।
बैठक में भाजपा सहित 48 संगठनों के 410 पदाधिकारी मौजूद थे। भागवत के साथ मंच पर क्षेत्र संघचालक श्रीकृष्ण माहेश्वरी और क्षेत्र कार्यवाह माधव विद्वांस भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार संघ के प्रचारकों व पदाधिकारियों से भागवत ने कहा कि स्वयंसेवकों को चुनाव में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहिए।
यदि स्वयंसेवक मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे तो देश को एक मजबूत नेतृत्व मिलेगा। हालांकि भागवत ने संघ पदाधिकारियों के भाजपा में जाने और पद पाने की होड़ पर इशारे में कहा कि स्वयंसेवकों को अन्य संगठनों में नहीं जाना चाहिए।
मतभेद भूलकर काम करें
भाजपा सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा में भागवत ने कहा कि देश को आज मजबूत नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन यह तभी संभव है जब हम सब अपने मतभेद भूल कर समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करें। बैठक में संघ प्रमुख ने सीधे तौर पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि देश को आज 'आप' जैसी क्रांति नहीं बल्कि संक्रांति यानी परिवर्तन की जरूरत है।
संघ इसी परिवर्तन का संवाहक है। एक संघ पदाधिकारी के सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि 'आप' जैसे प्रयोगों से कुछ समय के लिए आंशिक उथल-पुथल आ सकती है, लेकिन साथ ही उसके दुष्परिणाम भी सामने आते हैं। यह भी कहा कि 'आप' का प्रयोग भले असफल हो गया, लेकिन उसने देश में राजनीतिक शुचिता को मुद्दा बना दिया, इससे स्वयंसेवकों को सीख लेना चाहिए।
आचरण का ध्यान रखें
संघ प्रमुख ने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों और विविध संगठनों के पदाधिकारियों को ध्यान रखना चाहिए कि उनकी पहचान एक स्वयंसेवक के रूप में है। वे अपने आचरण में इस बात का ध्यान रखें कि जिस साधना और तपस्या के बल पर संघ ने समाज का विश्वास जीता है, वह कायम रहे। भागवत ने अपने उद्बोधन में हिंदुत्व पर भी जोर दिया।
अनौपचारिक मेल-जोल कायम करें
संघ प्रमुख ने कहा कि सभी संगठनों को एक-दूसरे के कार्यक्रमों की जानकारी होनी चाहिए और यथासंभव सभी संगठनों को एक-दूसरे की मदद करना चाहिए। इसके लिए अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों को आपस में अनौपचारिक मेल-जोल बढ़ाना होगा। उन्होंने संघ कार्यालय 'समिधा' में लगने वाली साप्ताहिक शाखा और संघ की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित मासिक मिलन के कार्यक्रम में भाजपा सहित सभी संगठनों के पदाधिकारियों को शामिल होने की हिदायत दी।
सोलंकी और दवे नहीं हुए शामिल
तेलंगाना बिल पर राज्यसभा चर्चा के कारण भाजपा द्वारा जारी व्हिप के चलते राज्यसभा सदस्य कप्तान सिंह सोलंकी और अनिल दवे बैठक में शामिल नहीं हो सके, जबकि राज्यसभा सदस्य और पार्टी उपाध्यक्ष प्रभात झा बैठक में मौजूद थे। व्हिप की जानकारी मिलने पर झा ने राज्यसभा में उप नेता प्रतिपक्ष रविशंकर प्रसाद से फोन पर चर्चा की और कहा कि अब दिल्ली पहुंचने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संघ प्रमुख से मुलाकात की।
मीडिया से विवाद
संघ की बैठक के कवरेज को लेकर कुछ संघ पदाधिकारियों और मीडियाकर्मियों के बीच विवाद हो गया। कुछ मीडियाकर्मियों को स्वयंसेवकों ने लताड़ भी लगाई। इस विवाद में एक इलेक्ट्रानिक चैनल का कैमरा टूट गया। शाम को शिवाजी नगर पर कांग्रेस ने इस घटना के विरोध में पुतला दहन भी किया।


