Published On:Tuesday, February 25, 2014
Posted by NJFI media
अब कैंसर का भी हो सकेगा पेपर टेस्ट
भाषा, वॉशिंगटन प्रतिष्ठित संस्थान एमआईटी की एक भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक ने कैंसर के लिए 'पेपर टेस्ट' डिवेलप किया है। जिसके जरिए बीमारी की जांच आसानी से, सस्ती और जल्दी की जा सकेगी ताकि मरीज का इलाज भी जल्दी शुरू हो सके ।
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) ने घोषणा की कि इस प्रोसेस में कैंसर की जांच प्रेगनेंसी टेस्ट की तरह होगी। इसमें जांच के लिए यूरिन का सैंपल लिया जाएगा और रिजल्ट कुछ मिनट में ही आ जाएगा।
घोषणा के मुताबिक, इस टेस्ट की मदद से पहले संक्रामक बीमारियों का पता लगाया जा चुका है और नई तकनीक अब गैर-संक्रामक बीमारियों का पता लगाने के लिए भी इस प्रक्रिया के यूज को मुमकिन बना रही है। एमआईटी प्रोफेसर और हार्वर्ड ह्यूज मेडिकल इंस्टीट्यूट की इंवेस्टिगेटर संगीता भाटिया ने इस टेक्नोलॉजी को डिवेलप किया है। यह टेक्नोलॉजी नैनोकणों पर आधारित है जो ट्यूमर प्रोटीन प्रोटेसेज के साथ संचार करते हैं। हर कण सैकड़ों की तादाद में बायोमार्कर छोड़ते हैं और मरीज के यूरिन में आसानी से इनका पता लगाया जा सकता है। भाटिया ने कहा कि हमने इस नए सिंथेटिक बायोमार्कर का इजाद करने के बाद इसका एनालिसिस करने के लिए अल्ट्रा मॉडर्न इंस्ट्रूमेंट्स का यूज किया।

