Published On:Friday, March 7, 2014
Posted by NJFI media
भारत की सीमा तक अपना रेलवे नेटवर्क बढ़ा रहा है चीन
बीजिंग। दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित चिंघई-तिब्बत रेलवे लाइन को चीन भारतीय सीमा तक बढ़ा रहा है। ये रेल लाइन पंचेन लामा के गृहनगर शीगाज तक जाएगी, जिसकी सीमा भारत के सिक्किम से लगी हुई है। इस रेल लाइन के जरिए भारत की सीमा तक चीन आसानी से हथियार पहुंचा सकता है।
निरीक्षणकर्ताओं का कहना है कि चीनी प्रशासन एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश कर रहा है। इस कदम के जरिए चीन राजनीतिक और सैन्य दोनों लक्ष्यों को पूरा करने की तैयारी कर रहा है। रेल लाइन बढ़ाने की पीछे चीन का मकसद तिब्बत में स्थित पंचेन लामा के गृहनगर तक ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को खींचना है। साथ ही, अपनी दुनिया भर में छवि को ऊंचा करना है।
पंचेन लामा चीन के एक राजनीतिक सलाहकार निकाय 'पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस' के सदस्य हैं। वो अपना ज्यादातर समय बीजिंग में ही बिताते हैं और सरकार समर्थित चीनी बौद्ध एसोसिएशन में अच्छी पकड़ रखते हैं। चीन उनके इलाके तक रेल लाइन पहुंचाकर वहां अपनी पकड़ बरकरार रखना चाहता है। दलाई लामा के बाद पंचेन लामा को सबसे ज्यादा अहमियत हासिल है। दलाई लामा का मुकाबला करने के लिए चीन 24 साल से तैयारी कर रहा है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि ये नई रेल लाइन दो घंटे का सफर तय यात्रियों को ल्हासा से शीगाज तक ले जाएगी। 253 किलोमीटर लंबी ये रेल लाइन अक्टूबर के पहले शुरू हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि 93 फीसदी ट्रैक समेत सभी ब्रिज, भूमिगत पुलिया और टनल का काम तकरीबन पूरा कर लिया गया है।
शीगाज प्रांत की सीमा भारत के सिक्किम, नेपाल और भूटान से सटी है। रेल लाइन में हुए नए विस्तार के बाद पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के लिए भारतीय सीमा तक लोगों और मशीनों को लाना आसान हो जाएगा। गौरतलब है कि नेपाल सरकार ने चीन से शीगेट्स प्रांत तक रेलवे लाइन विस्तार की सिफारिश की थी।

