
नई दिल्ली
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संतुलित कीमतों को आर्थिक स्थायित्व का हिस्सा बताते हुए कहा कि संसद रिजर्व बैंक के लिए इन्फ्लेशन का टारगेट तय कर सकती है। वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था की गुलाबी तस्वीर पेश करते हुए कहा कि 2013-14 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.6 पर्सेंट पर रखने का टारगेट हासिल कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने करंट अकाउंट डेफिसिट 40 अरब डॉलर से भी कम रहने की बात कही।
इससे पहले इसके 45 अरब डॉलर तक रहने का अनुमान लगाया गया था। चिदंबरम ने रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की बजट बाद की परंपरागत बैठक में भाग लेने के बाद कहा कि इकॉनमी 18 महीने पहले की तुलना में ज्यादा स्थिर है। चिदंबरम ने अगस्त 2012 में वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला था। संसद में 2014-15 का अंतरिम बजट पेश करने के बाद शुक्रवार को उन्होंने रिजर्व बैंक निदेशक मंडल को संबोधित किया।
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन भी इस मौके पर मौजूद थे। राजन ने कहा कि रिजर्व बैंक अगले कुछ हफ्ते में नए बैंक लाइसेंस जारी कर सकता है पर इसके लिए वह चुनाव आयोग की अनुमति लेगा। चिदंबरम ने कहा कि यह देखकर वह खुश हैं कि राजन ने अपने एक बयान में इस बात को माना है कि सरकार संसद के जरिए इन्फ्लेशन का टारगेट तय करेगी और उसके बाद टारगेट तक पहुंचने का काम रिजर्व बैंक पर छोड़ दिया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि यही सही तरीका है।' उन्होंने कहा, 'मेरी राय है कि टारगेट तय करने का अधिकार सरकार का है और उसको हालिस करने के कदम उठाने का अधिकार रिजर्व बैंक को।'
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