नई दिल्ली. भाजपा ने सोमवार को
अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। एक तरफ जहां अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा घोषणापत्र
(पूरा घोषणापत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें) से अछूता नहीं रह सका वहीं इसमें विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण से जुड़ी कई बातें की गई हैं। लेकिन, राम मंदिर मुद्दे को घोषणापत्र में शामिल करने को लेकर पार्टी चारों ओर से घिर गई है। कांग्रेस समते सभी विरोधी दल बीजेपी पर जमकर हमले बोल रहे हैं। राम मंदिर मुददे को घोषणापत्र में शामिल किए जाने से खफा कांग्रेस ने चुनाव आयोग से बीजेपी की शिकायत भी की है।
राम मंदिर को लेकर कांग्रेस ने साधा बीजेपी पर निशाना
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने बीजेपी पर राम के नाम की गलत राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे के सहारे केवल वोट मांगना चाहती है, उनका राम मंदिर बनाने का इरादा नहीं है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी की राम के प्रति निष्ठा नहीं है। वह राम के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कोबरा पोस्ट के हवाले से कहा, 'बीजेपी नेता पहले भी यह कहते रहे हैं जब तक इस मसले पर कुछ हिंदू नहीं मरेंगे, तब तक मंदिर नहीं बनेगा। इन्होंने 2004 में कहा था कि मंदिर बनाया जाएगा लेकिन बाद में इन्होंने मंदिंर की बात करना ही छोड़ दिया।'
मोदी की बात नहीं सुनी गई
माना जा रहा है कि राम मंदिर मुद्दे पर पार्टी में
नरेंद्र मोदी की बात नहीं सुनी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोदी चाहते थे कि इस बार के घोषणापत्र में मंदिर मुद्दे को शामिल नहीं किया जाए और सारा जोर विकास पर ही हो। लेकिन मुरली मनोहर जोशी इसके खिलाफ थे और वह मंदिर मुद्दे को किसी भी हाल में घोषणापत्र में लाना चाहते थे। अब जब यह मुद्दा शामिल है तो निश्चित तौर पर जोशी की ही चली है, मोदी की नहीं।
उधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर उनकी पार्टी का मूल मुद्दा है और इसे वह छोड़ने वाले नहीं है। वह संवैधानिक तरीके से मंदिर बनाएंगे।
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