Published On:Sunday, April 13, 2014
Posted by NJFI media
सांसदों ने चुना तो पीएम बनूंगा, अच्छी लड़की मिलने पर शादी भी करूंगा: राहुल
नई दिल्ली. कांग्रेस उपाध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद के अघोषित दावेदार राहुल गांधी ने एक न्यूज चैनल से बेहद खास बातचीत की जिसमें राहुल ने मोदी से लेकर भ्रष्टाचार जैसे अहम मुद्दे, गुजरात मॉडल से लेकर चुनावी रुझानों तक बातचीत की. उन्होंने न्यूज चैनल को हिंदी में दिए इंटरव्यू में कहा-
PM चुनेंगे तो जिम्मेदारी से नहीं हटने वाला
क्या वो प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं? सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि अगर संविधान पढ़ा जाए तो संविधान में लिखा है कि प्रधानमंत्री को एमपी चुनेंगे और जो आजकल हो रहा है प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर, ये सही मायने में संवैधानिक चीज नहीं है. संवैधानिक चीज ये होगी जब इलेक्शन होगा, तब हमारे एमपी प्रधानमंत्री चुनेंगे और अगर हमारे सांसद मुझे चुनेंगे तो मैं अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने वाला नहीं हूं.
राहुल गांदी ने नरेंद्र मोदी की दावेदारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मेरी सोच है कि हिंदुस्तान की जनता की इज्जत करनी चाहिए तो अगर मैं कहूं कि मैं हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री बनना चाहता हूं या बन गया तो उनकी इज्जत नहीं होगी. मैं एक प्रकार से नौकर हूं, हिंदुस्तान का नौकर हूं और मैं अपनी जनता के लिए काम करता हूं.
अडाणी को दे दी जमीन
मोदी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अडाणी समूह को वड़ोदरा जितने बड़े क्षेत्रफल के बराबर जमीन कौडिय़ों के भाव दी गई है. राहुल ने कहा कि अडाणी समूह को इतनी लंबी तटरेखा दी गई है जो मुंबई की तटरेखा के बराबर है. यह पूछे जाने पर किया वह अडाणी समूह की तरफ इशारा कर रहे हैं, इस पर राहुल ने कहा कि वह किसी का नाम नहीं लेना चाहेंगे. वड़ोदरा का क्षेत्रफल 149 वर्ग किलोमीटर है और मुंबई तटरेखा 167 किलोमीटर लंबी है.
गुजरात मॉडल पर बोले राहुल
इंटरव्यू के दौरान राहुल ने कहा, जब गुजरात विकसित हुआ तो लघु उद्योगों के कारण हुआ, अमूल जैसे आंदोलनों और उसकी मजबूती के कारण हुआ. अब आप जिस गुजरात मॉडल को देखते हैं, उसमें एक उद्योगपति का कारोबार, 3000 करोड़ रुपए से बढ़कर 40,000 करोड़ रुपए तक बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि मोदी का आर्थिक मॉडल यह है कि राज्य का पूरा धन दो-तीन लोगों को दे दो. ताकि वहां ‘ट्रिकल डाउन’ प्रभाव हो. ‘ट्रिकल डाउन’ प्रभाव अमेरिका में भी दिखा पर जल्द ही उसकी असलियत सामने आ गई. यह मानसिकता देश के लिए खतरनाक है. मैं ऐसी मानसिकता के खिलाफ लड़ता रहा हूं.
UPA सरकार ने बेहतर काम किया
राहुल ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली यूपीए सरकार ने भाजपा नीत एनडीए से बेहतर काम किया है. बेशक, वैश्विक मंदी की वजह से वृद्धि में थोड़ी मंदी जरूर आई. यूपीए सरकार के कार्यक्रम एवं उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, हकीकत यह है कि हम 10 साल सत्ता में रहे.....ऐसे में सत्ता विरोधी माहौल थोड़ा-बहुत तो होता ही है.
चुनाव प्रचार व्यक्तिगत स्तर पर
यह पूछे जाने पर कि क्या चुनाव प्रचार नेताओं के व्यक्तिगत स्तर पर आ गया है, राहुल ने कहा कि निजी हमलों में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है और मैं ऐसा नहीं करता. राहुल ने कहा, नरेंद्र मोदी एक व्यक्ति हैं. उनके अपने मुद्दे हैं. मुझे उनसे कोई लेना-देना नहीं. पर वह एक विचारधारा की नुमाइंदगी करते हैं. यह विचारधारा एक भारतीय को दूसरे भारतीय से लड़ाती है. मेरी लड़ाई इस विचारधारा के खिलाफ है.
भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राहुल ने कहा कि यह एक ‘‘वास्तविकता’’ है पर इससे मुकाबले के लिए बातें बंद कर एक संस्थागत खाका तैयार कर इसके खिलाफ लड़ाई लडऩे की जरूरत है. राहुल ने कहा कि यूपीए सरकार और वह खुद आरटीआई, लोकपाल, भूमि अधिग्रहण विधेयक एवं मनरेगा के जरिए इस दिशा में काम करते रहे हैं. इस मामले में भाजपा पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि उसके घोषणापत्र में भ्रष्टाचार पर बात की गई है पर मुझे एक लाइन दिखा दीजिए जिसमें यह लिखा हो कि वह इससे मुकाबले के लिए क्या करेंगे.....बातें बनाना एक बात है, कुछ करके दिखाना दूसरी बात. राहुल ने कहा, वास्तविकता में भ्रष्टाचार से मुकाबला एक लंबी लड़ाई है. मैं यह लड़ाई लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा.
मीडिया में प्रचार मामले में भाजपा आगे
राहुल ने स्वीकार किया कि मीडिया में प्रचार के मामले में कांग्रेस भाजपा को टक्कर नहीं दे रही है पर वह असल काम करने में यकीन रखते हैं. भारत के भविष्य को आशावादी करार देते हुए राहुल ने कहा कि देश की अच्छी प्रगति हो रही है और यदि हम प्यार से काम करें तो हम चीन को पीछे छोड़ देंगे. पर यदि हम लड़ेंगे तो वृद्धि रूक जाएगी.
मोदी पर साधा निशाना
मोदी को निशाने पर लेते हुए राहुल ने कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार कहते हैं, सारे फैसले करने का काम उन पर छोड़ देना चाहिए और वह चौकीदार बनेंगे. इसकी तुलना अपने मॉडल से करते हुए राहुल ने प्राइमरी प्रणाली के जरिए उम्मीदवारों को चुनने की प्रक्रिया के बारे में बताया. जब राहुल से कहा गया कि गुजरात में प्राइमरी प्रणाली के तहत चुने गए एक उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया तो उन्होंने कहा कि एक गड़बड़ी से पूरे विचार को खारिज नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रणाली पर आधारित उनके इस विचार ने कार्यकर्त्ताओं में जोश भर दिया है.
मेड इन इंडिया हो
राहुल ने अपनी सरकार के काम को सराहते हुए भविष्य के भारत का तानाबाना भी पेश किया. उन्होंने कहा, हम मैनिफेक्चरिंग कॉरिडोर की बात कर रहे हैं, दिल्ली से लेकर मुंबई, मुंबई से लेकर चेन्नई, चेन्नई से बैंगलोर, दिल्ली से कोलकाता. हम एक मैनिफेक्चरिंग बैकबोन बना रहे हैं. बिजली-पानी, पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर, पूरा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर. इसके लिए हमने जापान से साथ गठजोड़ किया है. इससे लोगों को करोड़ों रोजगार मिलेंगे. मैं अपने भाषणों में कहता हूं, आजकल मेड इन चाइना होता है, हम चाहते हैं कि मेड इन इंडिया हो.
शायद मोदी के इंडिया फर्स्ट के नारे के लिए ये राहुल का जवाब था- मेड इन इंडिया. इंडिया में जब उत्पादन बढे़गा तो रोजगार के अवसर भी बढेंगे और खुशहाली भी. उम्मीद जगाने और उम्मीद लगाने के बीच राहुल खुद भी जानते और मानते हैं कि उन्हें दो मोर्चों पर लड़ना है- नरेंद्र मोदी के साथ साथ एंटी इंकम्बेंसी से भी.
अभद्र भाषा पर बोले राहुल
समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा अभद्र भाषा के इस्तेमाल के बारे में राहुल ने कहा, किसी भी प्रकार का चरमपंथ खतरनाक है और हम उत्तर प्रदेश में सपा के खिलाफ लड़ रहे हैं.
सही लड़की का इंतजार
शादी के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा कि वह अच्छी लड़की मिलने पर शादी कर लेंगे. उन्होंने कहा शादी किस्मत का मामला है.

