Published On:Friday, June 6, 2014
Posted by NJFI media
पुणे में मुस्लिम युवक की हत्या से चर्चा में आए हिंदू राष्ट्र सेना के 'भाई' के बारे में जानें
नई दिल्ली. पुणे के 28 वर्षीय मुस्लिम सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल की हत्या के मामले में हिंदू राष्ट्र सेना का नाम आने के बाद इसके प्रमुख धनंजय देसाई उर्फ भाई का नाम चर्चा में है। गृह मंत्रालय द्वारा इस मामले में जानकारी मांगे जाने के बाद आज महाराष्ट्र सरकार अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
देसाई पर हैं 23 मामले
कभी मुंबई की विले पार्ले इलाके में सीमित हिंदू राष्ट्र सेना अब महाराष्ट्र में एक बड़े सांप्रदायिक संगठन में तब्दील हो चुका है। इस संगठन के प्रमुख 34 वर्षीय धनंजय देसाई उर्फ भाई का युवाओं पर अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है। पुणे के उपनगरीय इलाकों के अलावा, मुंबई के कुछ हिस्सों और कुल अन्य जिलों में भी देसाई का प्रभाव है। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, देसाई का नाम 23 मामलों में जुड़ा हुआ है। ये मामले हथियारों की बरामदगी से लेकर फिरौती और दंगों से जुड़े हुए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि देसाई युवा और खास तौर पर ग्रामीण और स्लम इलाकों से आने वाले युवाओं को हिंदुत्व की विचारधारा से जोड़ने के लिए काम करते हैं।
संगठन पर बैन लगाने की तैयारी?
पिछले मामलों को छोड़ दें तो ऐसा लगता है कि सिर्फ इस बार ही पुलिस ने हिंदू राष्ट्र सेना को गंभीरता से लिया है। ऐसा तब हुआ, जब 28 साल के मुस्लिम आईटी प्रोफेशनल मोहसीन सादिक शेख की कथित तौर पर इस संगठन के कार्यकर्ताओं ने हत्या कर दी। उधर, इस मामले में जिन 17 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से किसी का आपराधिक रेकॉर्ड नहीं है। पुणे पुलिस ने हिंदू राष्ट्र सेना और देसाई के कथित आपराधिक रिकॉर्ड का डॉजियर बनाना शुरू कर दिया है। इसे संगठन पर बैन लगाने की तैयारियों की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। बैन से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर पुणे के पुलिस कमिश्नर सतीश माथुर ने कहा, ' यह एक दिन में पूरी होने वाली प्रक्रिया नहीं है। हम सही दिशा में काम कर रहे हैं। इस बारे में दस्तावेज इकट्ठे किए जा रहे हैं।'
पिछले मामलों को छोड़ दें तो ऐसा लगता है कि सिर्फ इस बार ही पुलिस ने हिंदू राष्ट्र सेना को गंभीरता से लिया है। ऐसा तब हुआ, जब 28 साल के मुस्लिम आईटी प्रोफेशनल मोहसीन सादिक शेख की कथित तौर पर इस संगठन के कार्यकर्ताओं ने हत्या कर दी। उधर, इस मामले में जिन 17 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से किसी का आपराधिक रेकॉर्ड नहीं है। पुणे पुलिस ने हिंदू राष्ट्र सेना और देसाई के कथित आपराधिक रिकॉर्ड का डॉजियर बनाना शुरू कर दिया है। इसे संगठन पर बैन लगाने की तैयारियों की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। बैन से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर पुणे के पुलिस कमिश्नर सतीश माथुर ने कहा, ' यह एक दिन में पूरी होने वाली प्रक्रिया नहीं है। हम सही दिशा में काम कर रहे हैं। इस बारे में दस्तावेज इकट्ठे किए जा रहे हैं।'
कौन हैं देसाई
मुुंबई के तिलक कॉलेज से ग्रेजुएट देसाई का बचपन से ही हिंदुत्व के विचारधारा की ओर आकर्षण था। 1980 के दशक में वह शिवसेना से प्रभावित हुए, लेकिन वह खुद का संगठन बनाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने 14 साल की उम्र से ही हिंदू राष्ट्र सेना के नाम से काम करना शुरू किया। 1992 के धमाकों के बाद देसाई ने मुस्लिम दबदबे वाले अंडरवर्ल्ड के खिलाफ सीधे-सीधे माेर्चा खोल दिया। जानकारों के मुताबिक, उन्हें बाल ठाकरे के जीवित रहने तक उनका आशीर्वाद हासिल था। 2007 में हिंदू राष्ट्र सेना ने एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराया। हालांकि, इसने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा और संगठन बीजेपी-शिवसेना गठजोड़ को समर्थन देता है। संगठन का मानना है कि अगर वे अपना प्रत्याशी खड़ा करेंगे तो इससे हिंदू वोटों का ही नुकसान होगा।


